आबकारी अधिकारी बीएल दांगी के घर ईडी का छापा

ईडी का छापा
  • कई अफसरों ने बंद किए मोबाइल…

    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की इंदौर यूनिट ने बुधवार को मंदसौर के जिला आबकारी अधिकारी बीएल दांगी के घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई इंदौर में आबकारी विभाग में 71 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच के सिलसिले में हुई है।  टीम ने 5 घंटे तक दांगी के घर पर तलाशी ली और अपने साथ कई अहम दस्तावेज लेकर लौट गई। छापे में आगर-मालवा के आबकारी अधिकारी राजीव दुबे भी निशाने पर रहे। कार्यवाही शुरू होते ही जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे और इंदौर में पदस्थ रहे सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुखनंदन पाठक सहित कई अधिकारी गायब हो गए। उन्होंने मोबाइल भी बंद कर लिए। यह कार्रवाई 2017 में हुए घोटाले से जुड़ी है। इसमें शराब ठेकेदारों ने फर्जी बैंक चालान जमा कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया था। पहले इस घोटाले का अनुमान 42 करोड़ रुपए था, लेकिन जांच के बाद यह राशि बढक़र 71 करोड़ हो गई। ईडी ने इंदौर के राजवाड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जून 2024 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इस मामले में 14 शराब ठेकेदारों के साथ-साथ कई आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे।
    अब तक केवल 22 करोड़ वसूल पाया विभाग
    आबकारी विभाग 71 करोड़ रुपए के इस घोटाले में अब तक केवल 22 करोड़ रुपए ही वसूल पाया है। ईडी ने आबकारी विभाग से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है, जिसमें आरोपियों की जानकारी, वसूली गई राशि और विभागीय जांच रिपोर्ट शामिल है। उल्लेखनीय है कि आबकारी विभाग के इंदौर ऑफिस में वर्ष 2014 से 2017 के बीच फर्जी चालानों के जरिए फर्जीवाड़ा किया गया था। उसकी जांच के तहत ही कार्रवाई की जा रही है।
    ट्रांसफर के बाद भी जमे थे दांगी
    ईडी ने इस केस में इसी साल 28 अप्रैल को इंदौर, भोपाल और जबलपुर में कई शराब ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच टीम को बीएल दांगी और घोटाले के मुख्य आरोपी ठेकेदार राजू दशवंत के एक करीबी रिश्तेदार के बीच कारोबारी संबंधों का पता चला। इसके बाद ईडी ने मंदसौर में बीएल दांगी के यश नगर स्थित आवास पर बुधवार सुबह 4 बजे पहुंचकर दबिश दी।

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