भोपाल में 29 कंपोजिट शराब दुकानों के लिए नहीं आए ई-टेंडर

  • नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों का आवंटन शुरू

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में प्रदेश के 55 जिलों में 330 समूहों की लगभग 1,200 शराब दुकानों के लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इन दुकानों की कुल आरक्षित कीमत 6,322.23 करोड़ रुपए तय की गई थी। तय की गई शराब की दुकानों के लिए 2 मार्च को टेंडर जमा किए जाना था और शाम को 6 बजे टेंडर खोले जाना था, लेकिन इस दौरान भोपाल समेत प्रदेश के पांच जिलों नीमच, अलीराजपुर, अनूपपुर और मुरैना में एक भी टेंडर नहीं आया।  भोपाल की 87 कंपोजिट शराब दुकानों को 20 समूहों में बांटा गया है। इनमें से सात समूह की 29 कंपोजिट शराब दुकानों के लिए एक भी टेंडर नहीं आया है। प्रदेश में पिछले साल की तुलना में इस साल आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। 55 जिलों के 926 समूहों की 3,553 दुकानों के लिए 18,591.37 करोड़ की रिजर्व प्राइस निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार आबकारी नीति वर्ष 2026-27 के प्रविधानों के अनुरूप जिले के कुल 20 समूहों में शामिल 87 कंपोजिट शराब दुकानों में से बैच एक प्रथम चरण में निष्पादित होने वाले ई आबकारी पोर्टल द्वारा रेंडमली चयनित सात शराब समूहों में शामिल 29 कंपोजिट शराब दुकानों के ई टेंडर मांगे गए थे। 2 मार्च को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निष्पादन की कार्रवाई की गई, जिसमें सामने आया कि एक भी टेंडर प्राप्त नहीं हुआ है। अब पांच मार्च को सात समूह में विभाजित नई 31 कंपोजिट शराब दुकानों के लिए ई टेंडर प्रक्रिया होगी।इ न दुकानों को आरक्षित मूल्य करीब 503 करोड़ रुपये गया है और धरोहर राशि 5 करोड़ 95 लाख रुपये रखी गई है। इन सात समूह के लिए होगी टेंडर प्रक्रिया अब नये सात समूह की 31 दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया होगी। जिनमें पिपलानी में चार, नेहरू नगर में पांच, सीहोर नाका में पांच, आरएस मार्केट में पांच, छोला रोड में चार, अल्पना में चार और बैरसिया में चार दुकानें शामिल हैं।
तीन चरणों में होगी दुकानों की नीलामी
शराब की दुकानों की नीलामी के तीन चरण तय किए गए हैं। इनमें पहले चरण ई-टेंडर की प्रक्रिया 27 फरवरी को शुरू हुई थी। इसके तहत 2 मार्च को 2 बजे तक ई-टेंडर के लिए ऑन लाइन टेंडर लोड कर ऑफर सबमिट किया जाना था। भोपाल में इसके लिए 20 ग्रुप बनाए गए थे, लेकिन शाम को टेंडर खोले जाने तक एक भी टेंडर समिट नहीं हुआ। अगले यानी दूसरे चरण के टेंडर के टेंडर की प्रक्रिया मंगलवार को सुबह 10 बजे शुरू होगी, जो 5 मार्च को दोपहर 2 बजे तक चलेगी। उसी दिन शाम को 6 बजे के बाद ई-टेंडर खोले जाएंगे। तीसरे चरण में शराब की दुकानों की नीलामी के लिए 6 मार्च को सुबह 10 बजे से 7 मार्च 2 बजे तक ई-टेंडर के लिए ऑनलाइन ऑफर समिट होंगे और उसी दिन ई-टेंडर खोले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
भोपाल में बड़े ग्रुप की मोनोपॉली हावी
भोपाल में पिछले साल यानी 9 महीनों में बड़े ग्रुप की मोनोपॉली हावी रही, जिससे साल भर विभाग निष्क्रिय बना रहा। इससे नए बनाए ग्रुपों पर ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। नतीजतन यहां एक भी टेंडर नहीं आया। गौरतलब है कि सरकार ने बड़े समूहों की मोना पाली खत्म करने के लिए दुकानों को छोटे समूहों में बांट दिया है। इससे किसी बड़े ग्रुप के पास ज्यादा दुकानों का नियंत्रण नहीं रहेगा। मौजूदा ठेकेदारों को सीधे नवीनीकरण की सुविधा समाप्त कर दी गई है, जिसका मतलब यह है कि अब इच्छुक ठेकेदार खुली प्रतिस्पर्धा से टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। रिजर्व प्राइस के मामले में जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर और भोपाल शीर्ष पर हैं। इन जिलों में शराब दुकानों की कीमतें अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रखी गई हैं, जो वहां की मांग और बाजार क्षमता को दर्शाती हैं।

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