
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान महिला समूहों का भुगतान बकाया होने का मामला उठा। भाजपा विधायक रीति पाठक ने प्रश्नकाल के दौरान सीधी जिले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2022-23, 23-24 और 24-25 में स्व सहायता समूहों के माध्यम से गणवेश वितरण का कार्य किया गया था। उनका भुगतान अब तक लंबित है, यह कब तक किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले में जांच कराए जाने की मांग की। इस पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने माना है कि स्कूलों में यूनिफार्म उपलब्ध कराने वाली ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूहों का दो साल से भुगतान नहीं हुआ है।
विधायक के सवाल के जवाब में पंचायत मंत्री ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूहों का करीब 35 करोड़ रुपए बकाया है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि मामला वर्ष 2022-23 और 23-24 के भुगतान का है। इस मामले की ईओडब्ल्यू में जांच चल रही है। अभी तक 393.25 करोड़ का भुगतान हो गया है, करीब 35 करोड़ शेष है। सात जिलों में 2 करोड़ रुपए से ज्यादा शेष है। मंत्री ने बताया कि कलेक्टर से वेरीफिकेशन मांगा है, इसके बाद भुगतान किया जाएगा। शिक्षा विभाग और आजीविका मिशन में समन्वय की कमी से भुगतान में देरी। वहीं आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2024 से अब तक गणवेश राशि के बकाया होने का मामला विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने उठाया। उन्होंने बड़ामलहरा और बक्स्वाहा विकासखंडों में स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक अनियमिताओं का आरोप लगाते हुए जांच जल्द कराने की मांग की। इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि मामले में जांच चल रही है और 28 फरवरी तक रिपोर्ट देने का समय है। अकेले छतरपुर में साढ़े तीन करोड़ का भुगतान लंबित है।
