नर्सरी की आड़ में नशे का कारोबार… हरियाणा तक हो रहा सप्लाई

नशे का कारोबार
  • आगर मालवा में जंगल के भीतर 3 हेक्टेयर में फैक्ट्री, 600 किलो केमिकल मिला

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। आगर मालवा में जिस नर्सरी में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री चलाई जा रही थी, उसका इंदौर से कनेक्शन सामने आया है। नर्सरी का संचालक कालूराम रातडिय़ा मूल रूप से सुसनेर के पास मोड़ी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी समेत आगर मालवा में चार से ज्यादा केस दर्ज हैं। दरअसल, नारकोटिक्स विभाग ने शनिवार तडक़े आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी पर छापा मारकर 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की थी। इसकी कीमत घरेलू बाजार में करीब 10 करोड़ रुपए जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ये ड्रग्स फैक्ट्री जंगल के भीतर चल रही थी। यहां बने माल की सप्लाई हरियाणा तक की जा रही थी।
मादक पदार्थों की तस्करी का रिकॉर्ड: नर्सरी के संचालक कालूराम रातडिय़ा का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला। कालूराम के नाम पर मादक पदार्थों की तस्करी और आपराधिक रिकॉर्ड मिला। 2 मार्च 2010 को कालूराम पिता लक्ष्मीनारायण रातडिय़ा के खिलाफ हरियाणा में कुरुक्षेत्र के थानेसर सदर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस की धारा 15 और 29 के तहत केस दर्ज किया गया था।
तीन बार कॉल किया, मोबाइल स्विच ऑफ: कालूराम रातडिय़ा और उसकी पत्नी आरती रातडिय़ा के मोबाइल नंबर पर तीन बार कॉल किया, लेकिन वह स्विच ऑफ आता रहा। यही नहीं, फार्म हाउस के बोर्ड पर दर्ज मोबाइल नंबर 6265681574 पर भी फोन किया, इस पर कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, दूसरा नंबर 9644555255 स्विच ऑफ आता रहा।
क्या है एमडी ड्रग?: साइंटिफिक नाम – मिथाइलीन डाईऑक्सी-मेथएम्फेटामीन ये एक सिंथेटिक ड्रग है यानी इसे गांजा-अफीम की तरह पौधे से नहीं बनाया जाता। यह टैबलेट और पाउडर दोनों रूप में मिलता है। टैबलेट के रूप में है तो ये एक्सटैसी कहलाता है। पाउडर या क्रिस्टल रूप का प्रचलित नाम मैंडी है।
क्या असर होता है: इसे लेने वाले को लगता है कि उसकी ऊर्जा अचानक से बढ़ गई है। उसका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। व्यक्ति उत्साहित और आनंदित महसूस करता है। वह बेहद भावुक हो जाता है और भ्रम की स्थिति में रहता है। यह स्थिति 6 घंटे तक रह सकती है।
ड्रग्स बनाने की मशीनें भी मिलीं
नारकोटिक्स विभाग के छापे में तलाशी के दौरान नर्सरी परिसर के भीतर रूष्ठ ड्रग्स बनाने की लैब मिली। मौके से 31.250 किलो तैयार ड्रग्स, करीब 600 किलो केमिकल, ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनें और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए। मामले में मैनेजर सिद्धनाथ, धारा सिंह और प्रहलाद सिंह को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया गया है।
नर्सरी का बोर्ड, तारों की फेंसिंग
आगर मालवा जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर झालावाड़-कोटा रोड पर करीब 18 किमी दूर आमला है। यहां से करीब एक किलोमीटर पहले हनुमान मंदिर और क्रेशर के पास से होकर जंगल में अंदर एक रास्ता जाता है। यहां से करीब दो किमी अंदर कच्ची रोड किनारे यह नर्सरी है। बाहर तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी का बोर्ड लगा है। चारों ओर तारों की फेंसिंग है। इसके आसपास अन्य किसानों की खेती की जमीन है। इसी क्षेत्र से लगी अन्य भूमि शोभा पति अनिल पोखरना, ममता पति संदीप पोखरना, चंचल बाई पति अभय पोखरना और संदीप पिता अभय पोखरना के नाम दर्ज है। इसके अलावा रातडिय़ा परिवार के कालूराम, आरती और संतोषबाई के नाम भी राजस्व रिकॉर्ड में भूमि दर्ज है। यहां वर्षों से रातडिय़ा परिवार नर्सरी का संचालन करता चला आ रहा था।
मारपीट, जान से मारने की धमकी का भी केस
फरवरी 2019: घर में घुसकर हमला, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कालूराम और उसके भाई सुरेश समेत 3 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
अप्रैल 2019: आपराधिक षड्यंत्र, हत्या का प्रयास, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान से मारने की धमकी देने के मामले में कालूराम समेत 5 आरोपी बनाए गए थे।
जून 2023: दलित के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसमें कालूराम, उसकी पत्नी आरती के साथ एक अन्य को भी आरोपी बनाया गया था।
जून 2023: चोरी, संपत्ति को नुकसान, अतिक्रमण के मामले में कालूराम पर प्रकरण दर्ज किया गया था।

Related Articles