मोदी सरकार में बढ़ा मप्र के अफसरों का दबदबा

दबदबा
  • 8 आईएएस केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिव तो 10 केंद्रीय मंत्रालयों में सचिव स्तर पर तैनात

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। केंद्र सरकार में मप्र कैडर के अफसरों (आईएएस, आईपीएस और आईएफएस)का दबदबा काफी बढ़ गया है। मप्र के 8 आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिव के रूप में तैनात किया गया है, जो केंद्र में राज्य के अफसरों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। वहीं केंद्रीय मंत्रालयों में सचिव स्तर पर मध्य प्रदेश कैडर के 10 आईएएस अधिकारी तैनात हैं। वहीं बड़ी संख्या में आईपीएस और आईएफएस अधिकारी भी केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि प्रशासनिक क्षमता और मप्र की भौगोलिक-सामाजिक परिस्थितियों के अनुभव के कारण इन अफसरों को केंद्र में नीति निर्धारण, वित्तीय प्रबंधन और सुरक्षा जैसे संवेदनशील कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार मप्र के अफसरों की कार्यकुशलता और उनके द्वारा तैयार की गई योजनाओं पर भरोसा करती है, जिन्हें कई अन्य राज्य भी अपना रहे हैं।  दिल्ली के गलियारों में मप्र कैडर के आईएएस अधिकारियों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है।  मप्र कैडर के 390 आईएएस अफसरों में से इस समय कुल 46 अफसर प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। इनमें आधे से अधिक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में ही पदस्थ हैं। अगर संख्या के नजरिए से देखें तो इस समय एमपी कैडर के 15 प्रतिशत आईएएस प्रदेश से बाहर है। इनमें से कई तो लंबे समय से प्रदेश लौटे ही नहीं हैं। अगर नियमों की बात करें तो अखिल भारतीय सेवाओं के वरिष्ठ स्तर पर 40 फीसदी से अधिक पद डेपुटेशन पर नहीं होने चाहिए, लेकिन मप्र में यह आंकड़ा काफी कम है। हालांकि एमपी के अधिकांश अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं मप्र कैडर के लगभग 25 से 30 आईपीएस अधिकारी केंद्रीय एजेंसियों जैसे इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीबीआई, बीएसएफ  और सीआरपीएफ  में प्रतिनियुक्ति पर हैं। कई अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कार्यालय से भी जुड़े रहे हैं। इनके अलावा वन क्षेत्र में मप्र के समृद्ध अनुभव को देखते हुए केंद्र में 10 से 12 आईएफएस अधिकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ अन्य मंत्रालयों में वित्तीय सलाहकार और सचिव स्तर के पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
ये संभाल रहे हैं मंत्रियों के प्राइवेट सेक्रेटरी का काम
हाल ही में की गई नियुक्तियों के बाद केंद्र सरकार में 8 मंत्रियों के निजी सचिव (प्राइवेट सक्रेटरी) के तौर पर एमपी कैडर के अधिकारी कमान संभाल रहे हैं। यह किसी भी एक राज्य से केंद्र में निजी सचिव के रूप में तैनात आईएएस अफसरों की सबसे बड़ी संख्या है। 2009 बैच के डॉ. तेजस्वी एस. नायक भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी, 2011 बैच के बी. विजय दत्ता शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, 2012 बैच के नीरज सिंह वाणिच्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, 2012 बैच के डॉ. पंकज जैन कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के निजी सचिव के तौर पर पदस्थ हैं। आठ में से 5 अफसर 2012 बैच के 2012 बैच के ही प्रवीण अढ़ायच पूर्व मुख्यमंत्री और फिलहाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निजी सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसी बैच के बी कार्तिकेयन खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी के यहां अटैच हैं। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के निजी सचिव के रूप में 2013 बैच के हर्ष दीक्षित तैनात हैं, जबकि 2012 बैच के डॉ. राहुल फाटिंग हरिदास हाल ही में केंद्रीय मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह के पीएस नियुक्त किए गए हैं। इन आठ नामों के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में भी एमपी कैडर के 2012 बैच के आईएएस अधिकारी चंद्रमोहन ठाकुर वर्तमान में उप सचिव के पद पर काम कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिव बनने की प्रक्रिया कठिन होती है, क्योंकि नियुक्ति से पहले अधिकारियों के बैकग्राउंड और उनके कामकाज के रिकॉर्ड की गहराई से पड़ताल की जाती है।
मंत्रालयों के सचिव सहित अन्य जिम्मेदारी भी
मप्र के आईएएस अफसर ऐसे भी हैं जो मंत्रालयों के सचिव सहित कई अन्य बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अलका उपाध्याय सचिव अल्पसंख्यक कल्याण, मनोज गोविल सचिव कैबिनेट सचिवालय, पंकज अग्रवाल सचिव ऊर्जा, आशीष श्रीवास्तव सचिव इंटर स्टेट काउंसिल (गृह विभाग), बी.एल. कांता राव सचिव खनन, नीलम शमी राव सचिव टेक्सटाइल, दीति गौड़ मुखर्जी सचिव कॉर्पोरेट अफेयर्स, विवेक अग्रवाल सचिव संस्कृति, हरि रंजन राव सचिव खेल, पल्लवी जैन गोविल सचिव यूथ अफेयर्स, नितेश व्यास किदवई देशमुख त्रिपाठी सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर, फैज अहमद महानिदेशक डीजीसीए, कौरोलिन खोंगवार अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास, आकाश अतिरिक्त सचिव ऊर्जा, निकुंज श्रीवास्तव एडवाइजर विश्व बैंक वाशिंगटन, पवन कुमार शर्मा डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर, अजीत कुमार संयुक्त सचिव महिला एवं बाल विकास, ज्ञानेश्वर पाटिल विकास आयुक्त, एक्सपोर्ट एसईजेड सांताक्रूज मुंबई, राहुल जैन संयुक्त सचिव वित्त, स्वाति मीणा नायक संयुक्त सचिव जलशक्ति, शशांक मिश्रा संयुक्त सचिव ऊर्जा, छवि भारद्वाज संयुक्त सचिव डीओपीटी, जे.पी. आइरिन सिंथिया एमडी कामराजार पोर्ट लिमिटेड, विकास अग्रवाल उप प्रमुख कोचीन पोर्ट ट्रस्ट, वी. किरण गोपाल संयुक्त सचिव नेशनल हेल्थ अथॉरिटी, नंदकुमारम -सीईओ एनईजीडी, एस. विश्वनाथन उप प्रमुख चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी, प्रियंका दास डिप्टी डायरेक्टर लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी, अविनाश लवानिया निदेशक कृषि एवं कृषक कल्याण, तरुण कुमार पिथौड़े सदस्य सचिव सीएक्यूएम, सूफिया फारूखी वली महाप्रबंधक एफसीआई।

Related Articles