
- जून में तीन सांसदों का कार्यकाल हो रहा है समाप्त
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इन दिनों मप्र की राजनीति में विपक्षी दल के नेता के रूप में सबसे चर्चित चेहरा बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने भोपाल डिक्लेरेशन-2 (दलित एजेंडा) पर दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाने का ऐलान किया। इसी के साथ ही कांग्रेस में अजा, अजजा वर्ग के नेता को राज्यसभा की मांग तेज हो गई है। इसे राज्यसभा की दौड़ में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नकुलनाथ समेत अन्य नेताओं की राह में अड़चन के रूप में देखा जा रहा है। दिग्विजय सिंह के राज्यसभा नहीं जाने की घोषणा को लेकर मप्र की राजनीति में अलग तरह की चर्चा भी है। इसमें कहा जा रहा है कि हाल ही में दिग्विजय सिंह द्वारा पार्टी लाइन से हटकर दिए गए बयानों से पार्टी नेतृत्व नाराज है। चूंकि दिग्विजय सिंह दो बार राज्यसभा जा चुके हैं और उनकी उम्र भी 79 साल है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें तीसरी बोर राज्यसभा नहीं भेजने के संकेत भी दे दिए थे। यही वजह है कि दिग्विजय ने राज्यसभा चुनाव से 4 महीने पहले खुद ही राज्यसभा की राह छोडऩे का ऐलान कर दिया है। इसके बाद से दिग्विजय सिंह मप्र में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। उनके हालिया बयान मप्र कांग्रेस के पदाधिकारियों के बयानों पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे में दिग्विजय सिंह के मप्र में अचानक सक्रिय होने को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के लिए खतरा माना जा रहा है।
3 सीटों पर है चुनाव: मप्र के तीन राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन इसी साल 21 जून को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इससे पहले चुनाव आयोग तीनों सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी करा लेगा। विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा की सदस्य संख्या को देखते हुए एक सीट कांग्रेस और 2 सीट भाजपा के पास ही रहेंगी। ऐसे में भाजपा ने दो राज्यसभा सीटों के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। सुमेर सोलंकी को दूसरी बार राज्यसभा भेजना है या नहीं इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
अजा नेता को राज्यसभा भेजने की मांग
दिग्विजय के राज्यसभा नहीं जाने के ऐलान कि साथ ही कांग्रेस में राज्यसभा सीट को लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है। मप्र कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने अजा वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजने के लिए दिग्विजय सिंह को पत्र लिख दिया है। अहिरवार ने पत्र में हवाला दिया कि दिग्विजय सिंह ने अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग से मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर कहा कि ऐसा होगा को उन्हें खुशी होगी। इसी भावना के अनुरूप अब राज्यसभा में भी अनुसूचित जाति वर्ग को अवसर मिलना चाहिए।
