दिग्विजय सिंह ने कहा कांग्रेस धर्म का सम्मान करती है

दिग्विजय सिंह
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अयोध्या में पहली बार किए रामलला के दर्शन

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति धार्मिक आयोजनों में तभी भाग लेता है जब ईश्वर बुलाता है और इस बात की पुष्टि की कि कांग्रेस राजनीति या व्यापार के लिए धर्म का दुरुपयोग नहीं करती है। उन्होंने आज सुबह अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए सिंह ने कहा, जब मुझे बुलावा आया, तो मैं यहां आया… भगवान राम के दर्शन किए बिना हनुमान जी के दर्शन करना असंभव है। कांग्रेस का हर सदस्य अपनी आस्था के अनुसार धर्म के मार्ग का अनुसरण करता है। हम व्यापार या राजनीति के लिए धर्म का दुरुपयोग नहीं करते। धर्म का राजनीतिक दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, न ही इसका व्यापार के लिए दुरुपयोग होना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, जब उनको बुलावा आएगा, जरूर आएंगे। क्यों नहीं आएंगे? यह संकेत देते हुए कि गांधीजी का बुलावा आने पर वे धार्मिक आयोजनों में शामिल होंगे। सिंह की ये टिप्पणियां धर्म और राजनीति के अंतर्संबंध पर हो रही चर्चाओं के बीच आई हैं, जो व्यक्तिगत आस्था का सम्मान करने और धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक या व्यावसायिक शोषण का विरोध करने के कांग्रेस के घोषित दृष्टिकोण को उजागर करती हैं। एक अलग घटनाक्रम में, अयोध्या इस बार राम नवमी के लिए पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि एक विशेष पहल के तहत, दूरदर्शन अयोध्या राम नवमी कार्यक्रम का पूरा सीधा प्रसारण करेगा, जिससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन कर सकेंगे और देश भर के लोग इस पवित्र अवसर में भाग ले सकेंगे। हिंदू धर्म में वर्ष भर में चार नवरात्रि मनाई जाती हैं, लेकिन इनमें से केवल दो – चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि – ही व्यापक रूप से मनाई जाती हैं, क्योंकि ये ऋतुओं के परिवर्तन के साथ मेल खाती हैं। भारत में नवरात्रि विभिन्न रूपों और परंपराओं में मनाई जाती है।
मंत्री सारंग का तंज, बोले- सनातन के खिलाफ बोलने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के अयोध्या में रामलला के दर्शन करने को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने तंज कसा है। उन्होंने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की विचारधारा और पूर्व रुख को लेकर भी निशाना साधा। मंत्री सारंग ने कहा कि भगवान राम सभी के हैं और हर व्यक्ति को रामलला के दर्शन करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने कांग्रेस के पुराने रुख पर टिप्पणी करते हुए इसे विरोधाभास बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह वही लोग हैं, जिन्होंने पहले राममंदिर और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे।
भगवा आतंकवाद कहने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें
सारंग ने कहा कि कांग्रेस ने पहले राममंदिर के निर्माण का विरोध किया और कोर्ट में हलफनामा भी दिया। ऐसे में अब रामलला के दर्शन के लिए जाना उनकी राजनीति को दर्शाता है। मंत्री ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लंबे समय से सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते रहे हैं और ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।
राहुल-प्रियंका साथ जाते तो बेहतर होता: सारंग ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वे भी साथ जाते तो बेहतर होता। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर चुनावी समय में ही धार्मिक पहचान दिखाने का आरोप लगाया। अपने बयान के अंत में मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में राम का संदेश फैले और हर व्यक्ति रामलला के दर्शन करे। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि अहंकार ही पार्टी के पतन का कारण बन रहा है।

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