
- भाजपा में तोड़ की कोशिश, 70 कार्यकर्ताओं ने थामा हाथ
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ और उनके संसदीय क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से एक्टिव नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि अब भाजपा में हलचल पैदा हो गई है। 50 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन छोडकऱ कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। यह सदस्यता अभियान खुद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृह नगर राघोगढ़ में आयोजित किया गया। शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा के बदरवास ब्लॉक से आने वाले करीब 60 से 70 भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता लेकर भाजपा पर उपेक्षा का आरोप लगाया। वहीं, शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा का कहना है कि यह तो बस शुरुआत मात्र है। अभी हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस की सदस्यता लेने जा रहे हैं।
सिंधिया के गढ़ में एक्टिव दिग्गी राजा
लगातार अपनी उपस्थिति बनाकर कार्यकर्ताओं के बीच बने रहने की कोशिश करते दिखाई दे रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह सिंधिया के गढ़ और उनके लोकसभा क्षेत्र में सक्रिय बने हुए हैं। यही वजह है कि अब वह भाजपा कार्यकर्ताओं को तोडऩे में भी सफल होते दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि राघोगढ़ में चलाए गए कांग्रेस सदस्यता अभियान के दौरान शिवपुरी जिले की बदरवास तहसील के अंतर्गत आने वाले 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने भाजपा का साथ छोडऩे का ऐलान करते हुए कांग्रेस की सदस्यता ले ली।
बड़े कार्यकर्ता और बड़े नेता भी हो सकते हैं शामिल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृह नगर राघोगढ़ में चलाए गए कांग्रेस सदस्यता अभियान के दौरान अभी 50 से ज्यादा छोटे कार्यकर्ताओं ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली है। पोहरी विधायक कैलाश कुशवाहा का कहना है, कि कुछ दिनों में शिवपुरी जिले के हजारों भाजपा कार्यकर्ता मेरे संपर्क में हैं। जल्द ही एक बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें वह भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी का दामन थामेंगे। बताना जरूरी है कि कांग्रेस छोडकऱ भाजपा में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ हजारों कार्यकर्ता कांग्रेस छोडकऱ भाजपा में शामिल हुए थे। ऐसे में दिग्विजय सिंह और उनके बेटे की यह कोशिश है कि वह सभी कार्यकर्ता वापस कांग्रेस में शामिल होकर सिंधिया को चुनौती देने का काम करते दिखाई दें। यही वजह है कि वह पिछले लंबे समय से अपने बेटे जयवर्धन के साथ सिंधिया के गढ़ गुना शिवपुरी अशोक नगर लोकसभा संसदीय क्षेत्र में सक्रिय बने हुए हैं।
