
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
विधानसभा में जनजातीय कार्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। इस दौरान मंत्री विजय शाह ने ऐलान किया कि बिना भेदभाव किए राज्य के सभी आदिवासी विधायकों के क्षेत्रों में 10-10 करोड़ के विकास कार्य कराए जाएंगे। शाह ने कहा कि विधायकों ने जो सुझाव दिए हैं, उसी आधार पर विभाग काम करेगा। हम आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हमारी प्राथमिकता पहले आदिवासी क्षेत्रों की है। इस पर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि इतनी देर से मंत्री का जवाब सुनने जो विधायक सदन में बैठे हैं, क्या वह सब पागल हैं, इस पर मंत्री ने कहा कि सभी के यहां काम करेंगे, लेकिन पहले आदिवासी विधायकों के यहां फोकस रहेगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मंत्री के भाषण से ऐसा लगता है कि उनकी निगाहें बड़ी कुर्सी पर हैं। इस पर मंत्री शाह ने हंसते हुए कहा भैया यहीं रहने दो। उल्लेखीय है कि पिछले दिनों कांग्रेस ने सेना के महिला अधिकारी के बयान मामले पर मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग की थी।
स्पीकर बोले- कलेक्टरों को दो निर्देश
विधानसभा में जिला खनिज फंड (डीएमएफ) का मामला उठा। चर्चा के बीच विधानसभाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने विभागीय मंत्री को निर्देशित किया कि वे कलेक्टरों से कहें कि समय पर बैठक कर डीएमएफ की राशि जारी करें। दरअसल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी द्वारा यह मामला सदन में उठाया गया था। उनके द्वारा इस मद में 3 वर्षों में कितनी राशि वितरित हुई जानकारी मांगी गई, लेकिन जवाब में उन्हें वर्ष 2003 की जानकारी दी गई। इस पर विधायक ने एतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब क्षेत्र से भी खनिज मद में राशि संग्रहित होती है, तो बराबर हिस्सा मिलना चाहिए तथा विकास कार्यों को स्वीकृति दी जानी चाहिए। जवाब में चेतन्य कश्यप ने बताया कि शाजापुर में बैठक हुई थी, जिसमें 46 लाख रुपए जिला स्तर पर खर्च हुए और 6 करोड़ राज्य मद से विभिन्न क्षेत्रों में में व्यय किए गए। वे वे कलेक्टर को नि कि एक या दो माह में बैठक कर लें, जिसमें विधायक अपने प्रस्ताव रख दें, उनकी जो प्राथमिकताएं हैं उसके अनुसार कार्यों को स्वीकृत कर देंगे। निर्देशित करेंगे
