- मध्यप्रदेश में शराब के मामलों में ज्यादा सक्रियता ड्रग्स की

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश में चलाए जा रहे ड्रग्स फ्री अभियान की राजधानी भोपाल में मैदानी सच्चाई कुछ और ही नजर आ रही है। पांच दिन बीतने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई मुख्यत: शराब तस्करों और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों तक ही सीमित दिख रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यों के डीजीपी से संवाद के बाद मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी बैठक कर 3 अप्रैल से अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद राजधानी में ड्रग्स के बड़े नेटवर्क पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। शहर में पुलिस ने अवैध शराब के मामलों में अपेक्षाकृत अधिक कार्रवाई की है। खजूरी सड़क और बैरागढ़ पुलिस ने 75 क्वार्टर शराब के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा, जबकि अयोध्या नगर थाना पुलिस ने 500 क्वार्टर शराब जब्त कर दो आरोपियों रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा और मनीष साहू को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए ठिकाने बदल बदल चुके थे। पुलिस आयुक्त ते कहा पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता भी है। मामलों में प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
देहात क्षेत्र में स्थिति और कमजोर
भोपाल देहात में अभियान की स्थिति और भी चिंताजनक है। बैरसिया और सुखी सेवनिया थानों में पांच दिनों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नजीराबाद में दो गांजा तस्करों को छोड़ने के मामले में थाना प्रभारी एसआई अरुण शर्मा को निलंबित किया गया। अन्य थानों में भी कार्रवाई सीमित रही। परवलिया सड़क, गुनगा और ईटखेड़ी में दो-दो तथा बिलखिरिया में एक मामला दर्ज किया गया, जो सभी अवैध शराब से संबंधित हैं। देहात एसपी रामशरण प्रजापति ने कहा कि मुहिम की समीक्षा के लिए हमारे पर्यवेक्षण अधिकारी उत्तरदायी हैं। वह समय-समय में निगरानी करते हुए निर्देश भी देते हैं। लेकिन, समीक्षा से से जुड़ा यह विषय मीडिया से चर्चा करने का नहीं हैं। ड्रग्स फ्री अभियान के तहत जहां बड़े ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा थी, वहीं भोपाल में यह अभियान अभी तक छोटे स्तर की कार्रवाइयों तक सिमटा हुआ नजर आ रहा है। इससे अभियान की गंभीरता और प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रदेश के दूसरे जिलों में प्रभावी कार्यवाही हुई है।
एमडी ड्रग्स में पहली कार्रवाई, मात्र 2 ग्राम बरामद
अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने पहली बार गोविंदपुरा क्षेत्र में कस्तूरबा अस्पताल के पास सब्जी मंडी से तीन आरोपियों – हर्ष यादव (22), सौरभ तेजवानी (23) और गुरदीप सिंह (22) को गिरफ्तार किया। इनके पास से करीब 2 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार भोपाल में ड्रग्स का कारोबार सालाना करीब 1600 करोड़ रुपये का है और पूर्व में शहर में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्रियां भी पकड़ी जा चुकी हैं। ऐसे में इतनी छोटी कार्रवाई अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है।
फैक्ट फाइल
– सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के 24 प्रकरण
– 711 ग्राम गांजा (कीमत 24,350 रुपये) – 2 आरोपी (एक महिला सहित)
– शहर में 623 क्वार्टर अवैध शराब (5 आरोपी)
– देहात में 259 क्वार्टर अवैध शराब (10 आरोपी)
– (नोट: आंकड़े पुलिस विभाग की तरफ से मुहैया कराए गए है जो कि 7 अप्रैल की दोपहर दो बजे तक हुई कार्रवाई के हैं)।
