नकुलनाथ को भी जिलाध्यक्ष बनाना चाहती थी कांग्रेस

नकुलनाथ
  • फिर घोषणा से ठीक पहले हटाया गया नाम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद से पार्टी में भोपाल से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक विरोध जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मप्र में संगठन सृजन के जरिए जिलाध्यक्षों के नाम तय करने से उठे विवाद पर चिंता जताई है। इस बीच चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि कांग्रेस हाईकमान छिंदवाड़ा से नकुलनाथ को जिलाध्यक्ष बनाना चाहता था, लेकिन जिलाध्यक्षों की घोषणा से ठीक पहले आखिरी समय में नकुलनाथ का नाम हटाया गया। बताया गया कि जिलाध्यक्ष के लिए छिंदवाड़ा से पूर्व सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ का नाम भी प्रस्तावित था। साथ ही पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी कुणाल चौधरी का नाम भी जिलाध्यक्ष के लिए प्रस्ताव था, लेकिन इन दोनों के नाम सूची से हटा लिए गए। पार्टी ने आखिरी समय में छिंदवाड़ा से विश्वनाथ ओख्टे के नाम पर जिलाध्यक्ष के लिए मुहर लगाई। पार्टी सूत्र बताते हैं कि 16 अगस्त के बाद नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा में सक्रियता बढ़ाई है। किसानों के खाद्-बीज के मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन किया है। जिसमें पार्टी के प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेता शामिल होने पहुंचे। मप्र में 71 जिलाध्यक्षों की घोषणा में 6 विधायक एवं 11 पूर्व विधायकों को शामिल किया है। जिनमें सबसे बड़ा चौकाने वाला नाम जयवर्धन सिंह को गुना से और प्रियव्रत सिंह को राजगढ़ से जिलाध्यक्ष बनाना है। जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद ही 2020 में कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे के कारणों पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बयान सामने आए हैं। दोनों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के जरिए एक-दूसरे को सरकार गिरने के लिए जिम्मेदारी ठहराया है।

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