भोपाल समेत 4 संभागों में गेहूं खरीदी आज से, कांग्रेस का प्रदर्शन

  • बीजेपी नेता करेंगे किसानों का स्वागत…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्यप्रदेश में गुरुवार से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की शुरुआत हो रही है। बाकी संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी। इस बार खरीदी में देरी को लेकर सियासी माहौल भी गरमा गया है। जहां एक ओर सरकार किसानों के स्वागत की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस इसे लेकर विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदेशभर में करीब 19 लाख 40 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। सरकार का दावा है कि इस बार खरीदी व्यवस्था को बेहतर और सुचारू बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसान मोर्चा के पदाधिकारी खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर किसानों का स्वागत करेंगे। कई जगह किसानों का तिलक लगाकर अभिनंदन करने की भी योजना है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता
प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले। इस वर्ष उपार्जन  के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है। इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन
उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3 हजार 627 उपार्जन केंद्र बनाये गए हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था।  
कांग्रेस का विरोध, कलेक्टर कार्यालयों का घेराव
वहीं, गेहूं खरीदी में देरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। प्रदेश कांग्रेस और किसान कांग्रेस के नेता आज अलग-अलग जिलों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेंगे। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के छतरपुर में प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।
हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम सक्रिय
खरीदी केंद्रों पर किसानों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाए जा रहे हैं। साथ ही, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं, जहां से पूरी प्रक्रिया की निगरानी होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी। किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए केंद्रों पर प्रचार सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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