20.47 करोड़ के गबन का मामला… 6 के खिलाफ चार्जशीट दायर

  • शिक्षा विभाग घोटाले में ईडी की अब तक की बड़ी कार्रवाई

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रवर्तन निदेशालय, इंदौर ने पूर्व में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के आधार पर दो अलग-अलग प्रकरणों पर स्वत: संज्ञान लेकर आरोपियों के विरुद्ध धनशोधन अधिनियम में एफआईआर की है। ब्लॉक शिक्षा कार्यालय, कट्ठीवाड़ा, जिला अलीराजपुर मैं सरकारी फंड सें 20.47 करोड़ रुपये के फर्जी बिल पास कर धोखाधड़ी एवं गबन मामले में आरोपी बीईओ कमल राठौर एवं 5 अन्य आरोपियों के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश पीएमएलए इंदौर, के समक्ष अभियोजन शिकायत दायर की है। 6 जनवरी 2026 को न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
ईडी ने क्या-क्या कार्रवाई की
ईडी ने इस मामले में जांच मध्य प्रदेश पुलिस की एफआईआर और बाद में दायर आरोप पत्र के आधार पर शुरू की. जांच के दौरान ईडी ने धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया, कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए और 25 लाख की राशि फ्रीज की। मामले में कथित भूमिका के चलते कमल राठौर को 7 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि घोटाले से मिली रकम यानी आरोपियों ने करीब 4.3 करोड़ मूल्य की अलग-अलग अचल संपत्तियां खरीदीं। इन्हीं तथ्यों और सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी समेत छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
फिलहाल क्या स्थिति है  
इस मामले में आगे की जांच जारी बताई जा रही है. माना जा रहा है कि ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित भ्रष्टाचार की पूरी कड़ी कहां तक जाती है, इसमें और कौन-कौन शामिल था, और सरकारी राशि किन रास्तों से निकाली गई।
संभागीय उप निदेशक ने कमाई करोड़ों की अवैध संपत्ति
ईडी, इंदौर ने लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा दर्ज एफआईआर और आरोप पत्र के आधार पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संभागीय उप निदेशक अशोक शर्मा के विरद्ध अभियोजन शिकायत दायर की है। आरोप है कि शर्मा ने पद पर रहते अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति जमा की। ईडी की जांच में पता चला कि 1998 से 2010 की अवधि के दौरान, आरोपी ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके 1.64 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि इन अवैध निधियों को परिवार के सदस्यों के कई बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया और विभिन्न अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे अपराध की आय को बेदाग संपत्ति के रूप में दिखाने का प्रयास किया गया। ईडी ने पहले 25 मार्च, 2025 को एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया था, जिसमें परिजनों के नाम की 95 लाख रुपये कीमत की तीन अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था।
पुलिस की एफआईआर पर लिया संज्ञान
ईडी ने पुलिस स्टेशन  कट्ठीवाड़ा , जिला अलीराजपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की। इसके बाद भादंवि 1860, आईटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की गई। यह मामला अप्रैल 2018 से जुलाई 2023 की अवधि के दौरान बीएलओ, कट्ठीवाड़ा के खजाने से कुल 20.47 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का है। आरोपियों ने गबन और घोटाला विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित सरकारी फंड में किया। जांच में पता चला कि कमल राठौर एवं अन्य आरोपियों ने लगभग पांच साल की अवधि में करोड़ों रुपये की बड़ी रकम का व्यवस्थित तरीके से गबन किया है।

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