संतोष वर्मा की बर्खास्तगी पर केंद्र जल्द लेगा फैसला, 10 दिन टाला आंदोलन

  • सामाजिक तनाव बढ़ाने और आपराधिक मामलों के कारण पद से हटाने का प्रस्ताव

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को बर्खास्त करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र के फैसले का इंतजार है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को डीओपीटी को भेजे प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि अजाक्स के अधिवेशन में वर्मा के बयान से राज्य में सामाजिक तनाव की स्थिति बनी है और इसके खिलाफ सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संघों एवं जनप्रतिनिधियों से शासन को कई ज्ञापन मिले हैं। इन सभी में वर्मा के आचरण को अखिल भारतीय सिविल सेवा नियमों के खिलाफ बताते हुए उन्हें सेवा से हटाने (बर्खास्त) करने की मांग की गई। पत्र में लिखा गया है कि 2012 बैच के आईपीएस संतोष वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में अजाक्स के अधिवेशन में जो भाषण दिया उससे उपजे सामाजिक तनाव के कारण उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया जाए।
संवीक्षा प्रमाणित नहीं हुई थी
शासन ने कार्मिक मंत्रालय को भेजे पत्र प्रस्ताव में बताया है कि वर्मा राज्य प्रशासनिक सेवा के 1996 बैच के अधिकारी हैं और उन्हें 2020 में आईएएस अवार्ड हुआ था। 2019 में उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मामला लंबित होने के कारण उनकी संवीक्षा प्रमाणित नहीं हुई थी और 6 अक्टूबर 2020 को उनके द्वारा पेश किए गए एक कोर्ट आदेश में दावा किया गया कि उन्हें इस केस में दोषमुक्त किया गया है। इसी आदार पर राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर 2020 को उनकी संवीक्षा प्रमाणित की, जिस आधार पर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 6 नवंबर 2020 को उन्हें आईएएस अवार्ड कर दिया।

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