जनगणना इस बार पूरी तरह होगी डिजिटल

जनगणना

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जनगणना की तारीख तय हो गई है। भोपाल जिले में 1 मई से 30 मई तक जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होगा। इस बार की जनगणना कई मायनों में अलग और आधुनिक होगी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को जिले का प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में 16 अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो इस बड़े अभियान की कमान संभालेगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण का काम होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू हो गईं हैं, जिसको लेकर कलेक्ट्रेट में प्रशिक्षण आयोजित किया गया।  जनगणना 2027 देश की 16वीं व स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। यह गांव, शहर एवं वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा एवं विश्वसनीय स्रोत है। जनुग्रपना पूरी तरह डिजिटल होगी और पहली बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प प्रदान किया गया है। आंकड़ों का संकलन स्व-गणना पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा।

मकान सूचीकरण ब्लाक का सृजन एचएलबीसी वेब पोर्टल से व प्रबंधन एवं निगरानी सीएमएमएस वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। घर-सूचीकरण चरण में भवन उपयोग सहित 33 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज की जाएगी। फरवरी 2027 में शुरू होने वाली जनसंख्या गणना से पहले इस साल मई में मकानों का सूचीकरण व गणना की तैयारियों को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें जनगणना को पूरी तरह डिजिटल मोड में संपादित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सभी कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में एडीएम पीसी शाक्य, जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता,  डिप्टी कलेक्टर सहित समिति के सदस्यगण व विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया
इस बार नागरिकों को भी सक्रिय भूमिका दी जा रही है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लोग स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल ऐप के माध्यम से भी डेटा संकलन किया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, करीब 20 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई जाएगी। इनमें शिक्षा विभाग, राजस्व, नगर निगम, बीएलओ और शिक्षक शामिल होंगे। इतने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी राजपत्र में साफ किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका उपयोग किसी अदालत या जांच में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि जनगणना के आंकड़े ही आगे चलकर विकास योजनाओं की नींव बनते हैं। अब देखना होगा कि डिजिटल जनगणना का यह प्रयोग जमीनी स्तर पर कितना सफल रहता है, फिलहाल तैयारी जोरों पर है।
दिया गया प्रशिक्षण
कलेक्ट्रेट में जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक नमित यादव, सहायक निदेशक ऐसी रेजी द्वारा मकान सूचीकरण के जिला स्तरीय प्रशिक्षण में प्रथम चरण (एक से 30 मई तक) में की जानी वाली आवश्यक कार्यवाही संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही जिला प्रभारी द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें डिजिटल जनगणना प्रक्रिया, डाटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता, प्रभावी कार्यप्रणाली एवं निगरानी व्यवस्था शामिल है। उन्होंने बताया कि जनगणना का प्रथम चरण एक से 30 मई तक चलेगा और दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य को पूर्ण गुणवत्ता, पारदर्शिता व जिम्मेदारी के साथ समय-सीमा में संपादित किया जाए।

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