टाइगर रिजर्व के बफर जोन होंगे सुरक्षित

  • नौ टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लिए 390 करोड़ रुपए मंजूर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश में टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में पिछले साल हुई घटनाओं को लेकर प्रदेश सरकार ने चिंता जताई है। टाइगर रिजर्व के बफर जोन को सुरक्षित बनाने के लिए 390 करोड़ की योजना कैबिनेट में स्वीकृत की गई। प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व के आसपास बसे ग्रामीण क्षेत्रों में इंसान व जंगली जानवरों के बीच टकराव और संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए राज्य सरकार ने बफर क्षेत्रों के विकास के लिए इस राशि मंजूरी दे दी है। राशि से बफर क्षेत्रों में जंगल से जहां ग्रामीण क्षेत्र सटे हैं, उनके बीच चेन-लिंक तार फेंसिंग की जाएगी। यह फेसिंग अगले 5 साल में वर्ष 2030 तक लगभग 500 किमी लंबाई में की जाएगी। पहले चरण में 52.434 किमी लंबाई में यह फेसिंग पांच टाइगर रिजर्व में उन क्षेत्रों में होगी, जहां पिछले कुछ सालों में जंगली जानवरों के हमलों में इंसानों की मौत हुई है। इनमें भोपाल के पास रायसेन जिले में रातापानी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में कान्हा, उमरिया और शहडोल में बांधवगढ़, सिवनी और छिंदवाड़ा में पेंच और सीधी व शहडोल के ब्यौहारी में संजय टाइगर रिजर्व की बफर सीमा शामिल हैं। यहां करीब 10 करोड़ से यह फेसिंग होगी। फेसिंग होने के बाद टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में चारागाहों के विकास और सतही जल स्रोतों के विकास से जुड़े काम किए जाएंगे। वहीं कैबिनेट की बैठक में वन्यजीव संरक्षण, सिंचाई, सामाजिक योजनाओं और रोजगार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। विभिन्न विभागों की 15 योजनाओं को निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है। पूर्व स्वीकृत हैं योजनाएं। शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा के प्रशिक्षण, स्काडट गाइड, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना आदि योजनाएं हैं। इसके साथ ही राजस्व विभाग के कार्यालय एवं आवासीय निर्माण की अनुमति दी गई है। 2022 की एक योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने की दिशा में प्रबंध का खर्च वहन सरकार करती है।
उद्योगपतियों से की वन टू वन चर्चा पचमढ़ी में होंगे विकास कार्य
कैबिनेट ने पचमढ़ी के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी। पिछले साल पचमढ़ी क्षेत्र के विकास को लेकर निर्णय हुआ था, उसमें सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कुछ समस्या बताई गई थीं। कुछ नदियां, नाले छूट गई थी उनको मिलकर साडा क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। खसरे खाते बदलकर योजना को बढ़ाने का अनुमोदन मंत्रिमंडल ने किया है। पचमढ़ी 395.931 हेक्टेयर में बसा है। अब साडा क्षेत्र विकास की योजना बना पाएगा। मंत्रिमंडल में जो निर्णय हुआ है उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा।  
नर्मदापुरम जिले में 215 करोड़ के लिफ्ट इरीगेशन प्रोजेक्ट
मंत्रिपरिषद द्वारा जल संसाधन विभाग की दो परियोजना स्वीकृत की गई है। तवा परियोजना की दायीं तट की ओर बागरा शाखा के लिफ्ट   माध्यम से सोहागपुर और बाबई को लिफ्ट इरिगेशन से पानी दिया जाएगा। पिपरिया से सोहागपुर को पानी दिया जाएगा। एक योजना से 4200 और दूसरी योजना से 6 हजार हेक्टेयर में पानी दिया जाएगा। इस तरह 10200 हेक्टेयर में सिंचाई बढ़ेगी। वर्तमान में नर्मदापुरम जिले में 71 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र है जो लगभग 82 प्रतिशत तक बढ़ेगा। इन योजनाओं की लागत 215 करोड़ रुपए है। इसमें 63 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे।

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