टीम बनाने में पिछड़े… भाजपा-कांग्रेस के ‘युवा’

  • डेढ़-दो माह भी अध्यक्षों ने घोषित नहीं की नई टीम
  • गौरव चौहान
भाजपा-कांग्रेस

मप्र में भाजपा और कांग्रेस अभी से चुनावी मोड में आ गए हैं। अपना-अपना जनाधार बढ़ाने के लिए दोनों पार्टियों के नेता लगातार सक्रियता बढ़ा रहे हैं। लेकिन विडंबना यह है कि दोनों पार्टियों का यूथ संगठन अपनी टीम का गठन नहीं कर पाए हंै। दोनों पार्टियों के यूथ संगठन भाजपा का भारतीय जनता युवा मोर्चा और कांग्रेस का युवक कांग्रेस के अध्यक्षों की नियुक्ति डेढ़-दो माह पहले हो गई है, लेकिन वे अभी तक अपनी टीम का गठन नहीं कर पाए हैं।  इसका असर यह देखने को मिल रहा है कि दोनों पार्टियों के नेता अपनी सक्रियता नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
मप्र की राजनीति में जेन-जी की दिलचस्पी बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं का बड़ा महत्व है। इसके लिए भाजपा ने भारतीय जनता युवा मोर्चा और कांग्रेस ने युवक कांग्रेस बनाया है। दोनों पार्टियों की राजनीति करने वाले युवाओं के लिए ये संगठन पाठशाला हैं। दोनों संगठनों ने अपनी-अपनी पार्टी को बड़े-बड़े नेता दिए हैं। इसलिए इनका महत्व काफी है। लेकिन विडंबना यह है कि दोनों संगठनों के अध्यक्षों ने अभी तक अपनी प्रदेश इकाई का गठन नहीं किया है।
भाजयुमो में 18 से 25 आयु वालों को प्रतिनिधित्व
भाजपा संगठन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का बड़ा महत्व है। ऐसे में भाजपा संगठन मप्र में पार्टी के युवा मोर्चा में 18 से 25 वर्ष तक के युवाओं को भी प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही युवा मोर्चा टीम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। युवा मोर्चा की नई टीम जनवरी के अंत तक सामने आ सकती है। युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष के पद पर श्याम टेलर की नियुक्ति 22 नवंबर को हुई थी, तब से लगभग डेढ़ माह का वक्त बीत चुका है। नई टीम के गठन को लेकर टेलर का कहना है कि यह निर्णय पार्टी संगठन लेगा। टेलर का कहना है कि भाजपा में सामूहिक नेतृत्व के आधार पर निर्णय लेने की परंपरा है, इसलिए मैं अपने स्तर पर यह तय नहीं कर सकता है कि नई टीम कब तक बन जाएगी और इसमें किन-किन लोगों को मौका मिलेगा। लेकिन, इतना तय है कि युवा मोर्चा की नई टीम सर्व-स्पर्शी और सर्वसमावेशी होगी। हर उम्र, हर क्षेत्र, हर जाति-वर्ग को नई टीम में जगह मिलेगी। भाजपा सूत्रों के मुताबिक युवा मोर्चा में प्रमुख जिम्मेदारियां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से निकले कार्यकर्ताओं को मिलती आई हैं। इस बार भी एबीवीपी में अच्छा काम करने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को युवा मोर्चा में जगह मिलेगी। वहीं इस संबंध में टेलर ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ता निर्माण की भट्टी है, लेकिन पार्टी की ओर से युवा मोर्चा को इस बार अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं दी है। जहां तक जेन-जी की बात है तो नई पीढ़ी के युवाओं को मोर्चा में जरूर जगह दी जाएगी।
युका में परफॉर्मेंस के आधार नियुक्ति
कांग्रेस में काफी खींचतान के बाद यश घनघोरिया यूथ कांग्रेस के नए अध्यक्ष बने हैं। मप्र युवा कांग्रेस में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुए 2 माह बीत चुके हैं। नई कार्यकारिणी का चुनाव भी नवंबर में ही पूरा हो गया। निर्वाचन के जरिए यूथ कांग्रेस के 147 पदाधिकारी चुने गए थे। इनमें 12 उपाध्यक्ष, 48 महासचिव, 60 सचिव समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। मप्र युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष यश घनघोरिया का कहना है कि अभी सिर्फ दो माह हुए हैं और तीन महीने तक सभी निर्वाचित पदाधिकारियों का जमीनी स्तर पर काम देखा जाएगा, उसके बाद परफॉर्मेंस के आधार पर उन्हें प्रमोट कर नई कार्यकारिणी गठित करेंगे। नई कार्यकारिणी में 18 से 35 वर्ष तक के युवाओं का निर्वाचन हुआ था। घनघोरिया के मुताबिक नई गठित होने वाली कार्यकारिणी में कम उम्र के युवाओं को तवज्जो दी जाएगी। वहीं कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक युवक कांग्रेस में जमकर गुटबाजी हो रही है, निर्वाचन प्रक्रिया के बाद अब तक हुई यूथ कांग्रेस की दो बैठकों में इसका असर भी देखने को मिला। युवक कांग्रेस को अभी पंचायत चलो अभियान की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन इसमें आधी टीम काम नहीं कर रही है। हाल यह है कि अब हुई दो रिव्यू बैठक में कई पदाधिकारी नदारद रहे। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे और विधायक जयवर्धन सिंह को युवक कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है, लेकिन अभी तक वे एक बार भी यूथ कांग्रेस की बैठक में नजर नहीं आए। यहां तक कि जब युवक कांग्रेस के अध्यक्ष का शपथ ग्रहण समारोह हुआ, तब भी जयवर्धन नहीं थे और गतदिनों हुई युवक कांग्रेस की रिव्यू मीटिंग में भी जयवर्धन नहीं पहुंचे थे।

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