
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश के 21 भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी 1 जनवरी, 2026 की स्थिति में पदोन्नत होने जा रहे हैं। पदोन्नति की इस प्रक्रिया के तहत जबलपुर के वर्तमान आईजी प्रमोद वर्मा को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर प्रमोट किया जाएगा। इन सभी महत्वपूर्ण पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक पहले ही संपन्न हो चुकी है।
आईजी से एडीजी और डीआईजी से आईजी पद पर पदोन्नति: नियमों के अनुसार, आईजी से एडीजी बनने के लिए 25 वर्ष की सेवा अनिवार्य है। इस मानदंड के तहत 2001 बैच के एकमात्र अधिकारी प्रमोद वर्मा को पदोन्नत किया जा रहा है। इसी प्रकार, डीआईजी से आईजी बनने के लिए 18 वर्ष की सेवा आवश्यक है, जिसके आधार पर 2008 बैच के तीन अधिकारियों को चुना गया है। इनमें ललित शाक्यवार (डीआईजी शिकायत, पीएचक्यू), सियास ए (डीआईजी साइबर) और निरंजन बी. वायंगणकर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात जयदेवन ए. को प्रोफार्मा पदोन्नति दी जाएगी।
16 एसपी बनेंगे डीआईजी
पदोन्नति की इस सूची में 16 पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं, जो अब डीआईजी के पद पर पदोन्नत होंगे। इनमें से 13 अधिकारियों को 1 जनवरी, 2026 को सीधे पदोन्नति मिल जाएगी, जबकि शेष 3 अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने वाले डीआईजी के रिक्त पदों के विरुद्ध पदोन्नत किया जाएगा। इस श्रेणी के लिए वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के अधिकारियों का चयन किया गया है। राज्य पुलिस सेवा के शीर्ष स्तर पर भी बदलाव देखने को मिलेगा। स्पेशल डीजी (सीआईडी) पवन श्रीवास्तव इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके स्थान पर वर्तमान एडीजी (जेल) जी. अखेतो सेमा को पदोन्नत कर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। 1 जनवरी से लागू होने वाले इन आदेशों के साथ ही प्रदेश के पुलिस प्रशासनिक ढांचे में नई नियुक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ प्रभावी हो जाएंगी।
