मोहन सरकार के कार्यकाल में जुड़ेगी एक और बड़ी उपलब्धि

मोहन सरकार
  • मप्र के नौ जिलों के शत-प्रतिशत घरों में नलों से पानी की सप्लाई

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मप्र निरंतर विकास कर रहा है। इसी कड़ी में मोहन सरकार के 27 महीने के कार्यकाल में एक और बड़ी उपलब्धि जुडऩे जा रही है। यह उपलब्धि जल जीवन मिशन से जुड़ी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के नौ और जिले ऐसे हो गए हैं जहां  शत-प्रतिशत घरों नलों से पानी की सप्लाई हो रही है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सरकार की मंशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इन जिलों को हर घर जल प्रमाणित घोषित कराने की थी, लेकिन प्रधानमंत्री की लगातार व्यस्तता के चलते सरकार को इसमें सफलता नहीं मिल पाई। इसलिए अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील की मौजूदगी में नौ जिलों को हर घर जल प्रमाणित घोषित कराने की तैयारी पीएचई विभाग कर रहा है। कार्यक्रम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के नौ जिलों के शत-प्रतिशत घरों में नलों से पानी की सप्लाई को लेकर टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने अपनी तरफ से इन जिलों को हर घर जल प्रमाणित घोषित करने की तैयारी पूरी कर ली है। सीएम डॉ. मोहन यादव की हरी झंडी मिलते ही इन जिलों को हर घर जल प्रमाणित घोषित कर दिया जाएगा। यानी इन जिलों के शत-प्रतिशत घरों में नलों से पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। इनमें उज्जैन संभाग के सातों जिले-उज्जैन, देवास, रतलाम, आगर मालवा, शाजापुर, मंदसौर, नीमच के अलावा इंदौर और अशोकनगर शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक देश और प्रदेश में जल जीवन मिशन को लॉन्च हुए साढ़े 6 साल हो गए। इस दरमियान प्रदेश के सिर्फ 2 जिलों में ही 100 प्रतिशत घरों में नलों से पानी की सप्लाई हो पाई है। तत्कालीन शिवराज सरकार के कार्यकाल में सबसे पहले जुलाई, 2022 में बुरहानपुर को हर घर जल प्रमाणित जिला घोषित किया गया। इसके 11 महीने बाद जून, 2023 में निवाड़ी प्रदेश का दूसरा हर घर जल प्रमाणित जिला घोषित हुआ। मोहन सरकार के 27 महीने के कार्यकाल में अब तक एक भी जिले को हर घर जल प्रमाणित घोषित नहीं किया गया है। प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 55 है।
अप्रैल में पूरा हो जाएगा एकल नल जल योजनाओं का काम
जल जीवन मिशन में दो तरह की योजनाओं (एकल नल जल और समूह नल जल) पर काम चल रहा है। प्रदेश में एकल नल जल योजनाओं की संख्या 28 हजार से ज्यादा है। एकल नल जल योजनाओं का 97 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अप्रैल तक एकल नल जल योजनाओं का काम पूरा कर लिया जाएगा। समूह नल जल योजनाओं की कुल संख्या 147 है। समूह नल जल योजनाओं का करीब 68 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। समूह नल जल योजनाओं का काम पूरा करने की डेडलाइन मार्च, 2027 निर्धारित है। बता दें कि मप्र में एकल नल जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। इसके लिए सरकार ने मप्र पंचायत (ग्रामीण नल जल योजना संचालन संधारण एवं प्रबंधन नीति)-2026 को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की डेडलाइन मार्च, 2024 रखी थी। चूंकि इस अवधि में अधिकतर राज्यों में जल जीवन मिशन का काम पूरा नहीं हो पाया, इस कारण केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में पुनर्गठित कर देश में मिशन की अवधि दिसंबर, 2028 तक बढ़ा दी है।

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