
- मप्र में 4 हजार से अधिक गोदाम तीन चौथाई खाली, वैकल्पिक उपयोग हो
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में मौजूदा समय में करीब 4 हजार से अधिक वेयरहाउस बने हुए हैं। खाद्य विभाग के पास इन सभी का रजिस्ट्रेशन है, किंतु इनमें से एक चौथाई वेयरहाउस की उपयोग में आ रहे हैं। क्षमता से अधिक वेयरहाउस बने होने की वजह से सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है।
खाद्य विभाग अब ऐसे वेयरहाउस संचालकों को जागरूक करना शुरू किया है, ताकि वे उन वेयरहाउस में अन्य गतिविधियां भी संचालित कर सके। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी, उनकी बैंकों के ओवरड्यू से लेकर डिफाल्टर होने आदि की समस्या भी दूर हो सकेगी। इसे लेकर प्रदेश के करीब 400 वेयरहाउस संचालकों एक कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें उन्हें अन्य कार्यों के जरिए वेयरहाउस से आय प्राप्त करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उनकी समस्याएं भी सुनी गई। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग विषय पर आयोजित कार्यशाला में कई सुझाव दिए।
मप्र एक ऐसा राज्य है, जहां पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता
अपर मुख्य सचिव खाद्य शरश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मप्र एक ऐसा राज्य है, है, जहां पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे। एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आए महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जाएगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।
आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय लें
विशेषज्ञों ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे।
प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री पर चर्चा
कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सुश्री सुमिता नारायण ने ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस केस ऑफ अदर स्टेटस पर विचार व्यक्त किए। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर नितिन चंद्रा ने प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस पर जानकारी दी।
