
- 10 से 15 लाख रुपये के खर्च में हो जाएगा यह ट्रांसप्लांट
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को अब फेफड़ा (लंग्स) प्रत्यारोपण की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही यह केंद्र मध्य भारत का ऐसा पहला सरकारी चिकित्सा संस्थान बनने की राह पर है, जहां हार्ट, किडनी, लिवर और लंग्स जैसे चारों बड़े अंगों के ट्रांसप्लांट की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। इस सुविधा के शुरू हो जाने से जरूरतमंदों को दिल्ली, नागपुर, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। हाल ही में स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो) की टीम ने एम्स भोपाल का दौरा कर यहां की अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञों की टीम का जायजा लिया था। निरीक्षण के बाद सोटो ने फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए एम्स को उपयुक्त पाया और इसकी अनुमति प्रदान कर दी। हालांकि संस्थान को अभी लिवर ट्रांसप्लांट की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। फेफड़े का प्रत्यारोपण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसके लिए एम्स ने पहले ही तैयारी पूरी कर ली थी।
एम्स भोपाल में अनुमानित खर्च
किडनी ट्रांसप्लांट: तीन से चार लाख रुपये
लिवर ट्रांसप्लांट: आठ से 12 लाख (मंजूरी के बाद)
हार्ट ट्रांसप्लांट: छह से 10 लाख
लंग्स ट्रांसप्लांट: रुपये 10 से 15 लाख
(नोट- यह खर्च दवाओं, आईसीयू, जांच और सर्जरी के अनुसार थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है।)
निजी अस्पतालों में अनुमानित खर्च
किडनी ट्रांसप्लांट: छह से 10 लाख रुपये
लिवर ट्रांसप्लांट: 18 से 30 लाख रुपये
हार्ट ट्रांसप्लांट: 20 से 35 लाख रुपये
लंग्स ट्रांसप्लांट: 25 से 45 लाख रुपये तक
प्रदेश में अंगदान को लेकर कई चुनौतियां
यहां वर्तमान में एक्मो, हार्ट-लंग्स मशीन और आईएबीपी जैसी विश्वस्तरीय और आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। ये मशीनें ऑपरेशन के दौरान और बाद में मरीज के अंगों को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एम्स के विशेषज्ञ डॉ. केतन मेहरा ने बताया कि प्रदेश में अंगदान को लेकर अभी भी कई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी बाधा फंड की कमी, सामाजिक भ्रांतियां और अस्पष्ट गाइडलाइन हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि यदि आयुष्मान योजना में ट्रांसप्लांट के खर्च को कवर किया जाए और अस्पतालों में 24 घंटे ट्रेंड काउंसलर तैनात किए जाएं, तो अंगदान की दर में तेजी आ सकती है। इसके अलावा ब्रेन डेड सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की आवश्यकता है।
मध्य प्रदेश में ट्रांसप्लांट की वर्तमान स्थिति: वर्तमान में मध्य प्रदेश में किडनी प्रत्यारोपण सरकारी क्षेत्र में एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल सहित इंदौर के कुछ मेडिकल कालेजों में हो रहा है। निजी क्षेत्र में भोपाल और इंदौर के कई बड़े अस्पताल यह सुविधा दे रहे हैं। लिवर और हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा अभी मुख्य रूप से इंदौर के निजी अस्पतालों तक सीमित है।
