भोपाल में 4.38 लाख नाम कटने के बाद सिर्फ 56 हजार नए दावे

  • 14 फरवरी तक चलेगी नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का दूसरा चरण भी गुरुवार को पूरा हो गया है। जिसके तहत पिछले एक महीने से नए नाम जोडऩा, काटना और नाम में संशोधन कराने का काम चल रहा था। जिसके तहत जिले की बैरसिया, उत्तर, नरेला, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में 56 हजार 103 मतदाताओं ने नए नाम जोडऩे का आवेदन पेश किया है, जबकि 5 हजार 484 मतदाताओं ने वोटर लिस्ट से नाम कटवाने फार्म-7 भरा है। ऐसे में जिले की मतदाता सूची का अब फ्रीज कर दिया जाएगा। अगर कोई मतदाता नाम जुड़वाने से छूट गया है तो उसे 21 फरवरी के बाद ही वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। जिले में 22 साल बाद हुए एसआईआर की वजह से विधानसभाओं की तस्वीर बदल गई है। सात विस से मृत, एबसेंट, शिफ्टेड और मृत मतदाताओं की जांच में 4 लाख 38 हजार 317 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिससे जिले के मतदाताओं की तादाद 21 लाख 25 हजार 908 से कम होकर 16 लाख 87 हजार 33 रह गई है। इसमें नो मैपिंग वाले 1 लाख 16 हजार 925 मतदाता शामिल हैं, जिनकी सुनवाई 14 फरवरी तक जारी रहेगी। उपजिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता का कहना है कि नए आवेदन ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे, लेकिन उन्हें एसआईआर की फाइनल लिस्ट जारी करने के बाद ही शामिल किया जाएगा।
संशोधन और पता बदलवाने 37 हजार आवेदन
एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट में मैपिंग कराने के साथ जिले की सातों विस में नाम में संशोधन, पता बदलवाना, विधानसभा चेंज कराने के 37 हजार से अधिक फार्म मिले हैं। इन मतदाताओं को नए इपिक कार्ड भी दिए जाएंगे। इसके साथ नए नाम जुड़वाने वाले मतदाताओं को भी तीन माह में नए वोटर कार्ड स्पीड पोस्ट से घर भेजे जाएंगे।
गोविंदपुरा, नरेला से आए सबसे ज्यादा आवेदन
एसआईआर के दौरान सबसे ज्यादा नाम गोविंदपुरा और नरेला से ही काटे गए हैं। जिसको देखते हुए एक महीने से चल रहे नाम जोडऩे के काम के दौरान गोविंदपुरा विस से 13 हजार 419 फार्म मिले हैं, जबकि नरेला विस में 11 हजार 893 फार्म जमा किए गए हैं। इधर बैरसिया में सबसे कम 3 हजार 260 आवेदन मिले हैं।

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