- मप्र में रोजगार पंजीयन पोर्टल पर 22 लाख से अधिक आकांक्षी युवा दर्ज
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में बेरोजगारी बड़ी समस्या है। हाल ही में हुए बजट सत्र में बेरोजगारी को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने रहे। मंत्री गौतम टेटवाल ने कौशल विकास योजनाओं और आईटीआई प्रशिक्षण को रोजगार का माध्यम बताया। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि प्रशिक्षण के बाद रोजगार की गारंटी क्या है। उन्होंने निजी कंपनियों में प्रदेश के युवाओं के लिए 80 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी की। वहीं में रोजगार पंजीयन पोर्टल पर 22,51,167 आकांक्षी युवा दर्ज हैं, लेकिन नौकरी मिलने का आंकड़ा अपेक्षा से काफी कम है। प्रदेशभर में आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रमों में 2.35 लाख युवाओं ने आवेदन किया, जिनमें से केवल 90 हजार को ही रोजगार मिल पाया।
गौरतलब है कि राज्य सरकार जहां कौशल विकास और निजी क्षेत्र में अवसरों के विस्तार के दावे कर रही है, वहीं विधानसभा के बजट सत्र में बेरोजगारी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। आंकड़े बताते हैं कि पंजीयन बढ़ रहे हैं, पर स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की उपलब्धता अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। वर्ष 2018 से 2025 के बीच रोजगार पंजीयन के आंकड़ों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। वर्ष 2023 में सर्वाधिक 13,71,134 युवाओं ने पंजीयन कराया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 17,05,369 रही। 31 दिसंबर की स्थिति में जीवित पंजीयन वर्ष 2023 में 33.13 लाख तक पहुंच गया था, जो वर्ष 2020 में 24.72 लाख था। वर्ष 2025-26 में वर्तमान में 22 लाख 51 हजार युवा पंजीकृत हैं। बीते एक वर्ष में 95,130 नए बेरोजगार युवाओं ने पंजीयन कराया है।
रोजगार सृजन की गति अपेक्षित धीमी
सरकार ने निजी कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर युवा संगम कार्यक्रम आयोजित किए। कुल 2,35,842 आवेदन आए, लेकिन 90 हजार युवाओं को ही रोजगार मिल सका। वर्ष 2024-25 में 10 कंपनियों ने 53,921 ऑफर लेटर जारी किए। इनमें औसत वेतन 5,000 से 28,000 रुपये के बीच रहा। प्रमुख नियुक्तियों में भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 12,984, एलएंडटी द्वारा 6,230 और एसबीआई लाइफ द्वारा 4,402 ऑफर लेटर शामिल हैं। पांच मार्च को शाजापुर और 11 मार्च को बैतूल में भी युवा संगम कार्यम प्रस्तावित हैं, जिनमें देश-प्रदेश की कंपनियां भर्ती प्रक्रिया संचालित करेंगी। प्रदेश के 18 जिलों रीवा, सागर, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, इंदौर, मुरैना, बैतूल, भिंड, छतरपुर, देवास, खरगोन, सिवनी, शिवपुरी, उज्जैन, नर्मदापुरम और राजगढ़ में 50 हजार से अधिक युवा बेरोजगार के रूप में पंजीकृत हैं। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि पंजीयन और कार्यक्रमों के बावजूद रोजगार सृजन की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है।
07/03/2026
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