
- मतदाता के घरों में फार्म एकत्र करने गए बीएलओ लौट रहे खाली हाथ
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जिले के सातों विधानसभाओं में एसआईआर गणना पत्र जमा करने का अभियान पिछले तीन-चार ‘दिनों से धीमा पड़ गया। इसकी वजह मतदाताओं को मिले एसआईआर प्रपत्र है। जिसमें 2003 के विधानसभा, बूथ और क्रम संख्या भरना अनिवार्य किया गया। 22 साल पुरानी यह जानकारी नहीं मिलने से प्रपत्र जमा करने में मतदाता रूचि नहीं ले रहे हैं। उपर से अधिकारी आधी रात को भी फोन कर इनको डिजीटाइजेशन लक्ष्य पूरा करने का दबाव डाल रहे हैं। ऐसे में करीबन 80 फीसदी बीएलओ लक्ष्य पूरा नहीं कर पाने की वजह से मानसिक रूप से तनाव में आ गए हैं। बता दें कि भोपाल में एसआइआर फार्म जितनी तेजी से वितरित हुआ, उसे मतदाताओं से एकत्र करने में बीएलओ के पसीने छूट रहे हैं। नरेला के एक बूथ के मतदाता जीशान ने बताया कि जानकारी नहीं मिलने से कईयों ने फार्म नहीं भरा है। ऑनलाइन में भी जानकारी नहीं मिल रही है। एक अन्य मतदाता ने बताया कि 30 साल से वोट देता आ रहा हूं, पर 2003 की सूची में मेरा नाम नहीं है। बीएलओ भी इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। अब हम जानकारी रिश्तेदारों से जुटा रहे हैं। इसलिए हमने फार्म अभी वापस नहीं किया। कुल मिलाकर मतदाता लगातार बीएलओ से कन्नी काट रहे हैं, जबकि अधिकारी स्पष्ट कह रहे कि 2003 की सूची में नाम न मिलना कोई समस्या नहीं है। निर्वाचन आयोग के अधिकारी कह रहे हैं कि बीएलओ को मदद करने बीएलए यानि राजनैतिक दल के प्रतिनिधि को कहा गया है। लेकिन हकीकत में 95 फीसदी बीएलए, बीएलओ को मदद करने नहीं आएं। भाजपा के बीएलए तो मैदान से नदारद है। ऐसे में बीएलओ अकेले ही फील्ड में फार्म वितरण करने से लेकर एकत्र करने में लगा है। उपर से वरिष्ठ अधिकारियों के नौकरी से निकलाने, निलंबन के धौंस से बीएलओ का मानसिक तनाव दिनों-दिन बढऩे लगा है। सबसे अधिक परेशान बीएलओ है, जो घरों में फार्म एकत्र करने पहुंचे, तो जानकारी के अभाव में मतदाता फार्म नहीं भर पाने की कहकर खाली हाथ वापस लौटा रहे हैं।
भोपाल जिले में करीबन 2200 बीएलओ है, जो कि घर पर देर रात तक जागकर गणना पत्र ऑनलाइन करने में जुटे हैं। नींद से लेकर समय पर खाना तक नहीं खा पा रहे हैं। एक बीएलओ ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि आधी रात को एसडीएम फोन कर आज शाम तक 100 फीसदी फार्म जमा करने की कही है। इससे उनका बीपी बढ़ गया है। मैं गोली खाकर रात 2.30 बजे तक काम किया। उसके बाद गुरुवार सुबह 7.30 बजे ही फील्ड में पहुंचने का आदेश मिल गया। आज दिनभर बिना चाय-नाश्ता और खाना खाए बगैर 75 मतदाताओं के घर तीसरी बार गए, तो केवल 35-40 फार्म ही एकत्र हो पाएं। हमने सुपरवाइजर को बताया, पर वे सुनने को तैयार नहीं हैं।
आधी रात तक ली कलेक्टर ने बैठक
एसआईआर को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने बीती रात 10 बजे से करीबन 12.30 बजे तक सभी निर्वाचन अधिकारियों की बैठक ली। उपनिर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि बैठक में निर्देश दिए कि सभी सुपरवाइजर अपनी विधानसभा क्षेत्र के औसत को जांचे। औसत से कम प्रदर्शन करने वाले बीएलओ को चिह्नांकित कर उन्हें कार्य करने प्रेरित करें। बीएलओ के साथ नगर निगम, महिला बाल विकास, खाद्य एवं सहकारिता के कर्मचारी मेप्ड कर उनके हेल्पिंग हैण्ड्स की संख्या बढ़ाए। डिजिटाईजेशन कार्य की गति कम होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। एसआईआर का कार्य हर हालत में समय पर करें।
