निगम-मंडल की दौड़ से बाहर हुए 62 नेता

  • भाजपा ने घोषित किए जिला प्रभारी
  • गौरव चौहान
निगम-मंडल

मप्र भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर काम कर ही है। इसी कड़ी में पार्टी ने संगठनात्मक नियुक्तियां करते हुए 62 जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रदेश के बड़े और प्रभावशाली जिलों की कमान संभाग के बाहर के नेता को दी गई है। इसी नियुक्ति के सहारे भाजपा ने जहां संगठन का धार देने की कोशिश की है, वहीं निगम-मंडल और प्राधिकरणों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों की कतार में लगे नेताओं की भीड़ को कम किया है। यानी पार्टी ने जिन 62 नेताओं को जिला प्रभारी बनाया है, वे निगम-मंडल की दौड़ से बाहर हो गए हैं।
गौरतलब है कि जिला प्रभारियों की जो सूची जारी की गई है उसकी सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद से लेकर मौजूदा विधायक और कई दिग्गज नेताओं को जिलों की कमान सौंपी गई है। इनमें कुछ नाम तो ऐसे हैं जो राजनीतिक नियुक्तियों की दौड़ में शामिल थे। कुछ चुनाव हारे हुए नेताओं को भी प्रभार देकर संगठन में एडजस्ट किया है। पार्टी ने 10 प्रतिशत यानी 6 जिलों का प्रभार महिला नेताओं को सौंपा है। अर्चना सिंह को दमोह, नंदिता पाठक को मैहर, मनीषा सिंह को जबलपुर ग्रामीण, राजो मालवीय को रायसेन, संगीता सोनी को खरगौन और बबीता परमार को उज्जैन ग्रामीण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये हो गए राजनीतिक नियुक्तियों से दूर
भाजपा ने जिन नेताओं को जिला प्रभारी बनाया है उनमें से कई निगम-मंडल और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्ति की आस लगाए बैठे थे। लेकिन पार्टी ने उन्हें संगठन में जिम्मेदारी देकर उन्हें राजनीतिक नियुक्तियों से दूर कर दिया है। जिन नेताओं को प्रभारी बनाया गया है उनमें मुरैना का प्रभारी राजू बाथम, भिंड का प्रभारी हमीर सिंह पटेल, दतिया का प्रभारी गजेंद्र सिकरवार, ग्वालियर शहर का प्रभारी गोपीकृष्ण नेमा, ग्वालियर ग्रामीण का प्रभारी गोपाल आचार्य, श्योपुर का प्रभारी कमल माखीजानी, शिवपुरी का प्रभारी डॉ नंदकिशोर नापित, गुना का प्रभारी राजेंद्र राजपूत, अशोकनगर का प्रभारी शैलेंद्र जैन, सागर का प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, सागर ग्रामीण का प्रभारी सदानंद गौतम, टीमकगढ़ का प्रभारी पुष्पेंद्रनाथ पाठक, निवाड़ी का प्रभारी दीपक सिंह भदौरिया, छतरपुर का प्रभारी नीरज मनोरिया, दमोह का प्रभारी अर्चना सिंह, पन्ना का प्रभारी जाहर सिंह, रीवा का प्रभारी रविंद्र चौहान, मऊगंज का प्रभारी शशांक श्रीवास्तव, सतना का प्रभारी जीएस ठाकुर, मैहर का प्रभारी नंदिता पाठक, सीधी का प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी,सिंगरौली का प्रभारी विनोद यादव, शहडोल का प्रभारी अभिलाष पांडे, अनूपपुर का प्रभारी संजय साहू, उमरिया का प्रभारी राजेंद्र पांडे, जबलपुर शहर का प्रभारी आलोक संजर, जबलपुर ग्रामीण का प्रभारी मनीषा सिंह, कटनी का प्रभारी सुजीत जैन, डिंडोरी का प्रभारी कमल प्रताप सिंह, मंडला का प्रभारी रमेश भटेरे, नरसिंहपुर का प्रभारी शरद जैन, बालाघाट का प्रभारी अभिलाष मिश्रा, सिवनी का प्रभारी अशोक रोहाणी, छिंदवाड़ा का प्रभारी आदित्य बबला शुक्ला, पाढूर्ना का प्रभारी दीपांकर बैनर्जी, नर्मदापुरम का प्रभारी अलकेश आर्य, हरदा का प्रभारी डॉ. प्रभुराम चौधरी, बैतूल का प्रभारी सुदर्शन गुप्ता, भोपाल शहर का प्रभारी जसवंत सिंह हाड़ा, भोपाल ग्रामीण का प्रभारी प्रदीप लारिया, रायसेन का प्रभारी राजो मालवीय, विदिशा का प्रभारी सीताराम यादव, सिहोर का प्रभारी विकास विरानी, राजगढ़ का प्रभारी ध्रुवनारायण सिंह, इंदौर शहर का प्रभारी राजेश सोलंकी, इंदौर ग्रामीण का प्रभारी शैलेंद्र डागा, धार का प्रभारी सुभाष कोठारी, धार ग्रामीण का प्रभारी राधेश्याम यादव, आलीराजपुर का प्रभारी दिलीप पटोदिया, झाबुआ का प्रभारी राजेंद्र राठौड़, खंडवा का प्रभारी अंबाराम कराड़ा, बुरहानपुर का प्रभारी क्षितिज भट्ट, खरगौन का प्रभारी संगीता सोनी, बड़वानी का प्रभारी बाबूलाल यादव, उज्जैन शहर का प्रभारी बजरंग पुरोहित, उज्जैन ग्रामीण का प्रभारी बबीता परमार, शाजापुर का प्रभारी प्रभुलाल जाटव, आगरमालवा का प्रभारी जयदीप पटेल, देवास का प्रभारी धनंजय शर्मा, रतलाम का प्रभारी विवेक जोशी, मंदसौर का प्रभारी दिलीप सकलेचा और  नीमच का प्रभारी सुभाष पटेल हैं।
संगठन महामंत्री के लिए रना होगा इंतजार
उधर मप्र में यह पहला मौका है, जब भाजपा संगठन महामंत्री पद को लेकर सस्पेंस की स्थिति बनी। नई नियुक्ति के बिना ही वर्तमान पदाधिकारी का दायित्व बदल दिया गया। इसके पहले भी बदलाव के पहले सह संगठन महामंत्री की व्यवस्था रही है। फिलहाल क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के हाथ कमान सौंपी गई है। वहीं संभाग प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में अजय जमवाल ने संकेत दिए हैं कि एक से डेढ़ महीने में मप्र भाजपा को नया संगठन महामंत्री मिल जाएगा। सत्ता-संगठन की निगाहें मार्च में होने वाली संघ की अभा प्रतिनिधि सभा बैठक पर लगी हैं। जानकारों का दावा है कि प्रचारकों की कमी को देखते हुए नई नियुक्ति के आसार कम हैं। इसलिए मप्र में यथास्थिति बनी रह सकती है। कुछ नामों की अटकलें हैं। इनमें भीखू भाई के अलावा मिथिलेश माहेश्वरी, विमल गुप्ता, अनिल अग्रवाल और राजमोहन सिंह अन्य शामिल हैं। मप्र के अलावा देश में महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और गोवा जैसे राज्य हैं, जहां संगठन महामंत्री के बिना ही व्यवस्थाएं चल रही हैं। संघ ने इन राज्यों में भी पद खाली होने के बाद किसी नए प्रचारक की नियुक्ति नहीं की। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश लगातार इन सभी राज्यों की सांगठनिक मॉनिटरिंग कर रहे हैं।पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि आरएसएस ने कोई निर्णय लिया है तो उसकी जानकारी प्रतिनिधि सभा में मिलेगी। तब तक जमवाल ही मप्र में पूर्व संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की भूमिका में रहेंगे। ?बैठक में खंडेलवाल ने भी कहा कि पार्टी को अजय जमवाल जी का मार्गदर्शन मिलता रहेगा। इस बैठक के बाद खंडेलवाल और जमवाल की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भी बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि जितनी भी अलग-अलग नियुक्तियों को लेकर आमराय बन चुकी है। उन्हें जारी किया जाए। इसी के बाद देर शाम जिला प्रभारियों की नियुक्ति के आदेश जारी हो गए।
जिलों की टीम भी जल्द…
जमवाल ने सभी प्रभारियों और प्रदेश पदाधिकारियों से कहा कि वे इस कोशिश में जुटे हैं कि जिलों में जितनी भी पेंडेंसी है, उसे निपटाया जाए। यानि बचे हुए जिलों की कार्यकारिणी, मंडलों की टीम और मोर्चे की टीमों की घोषणा जल्द हो। इसी के साथ जेल, स्वास्थ्य और कॉलेजों की समितियां फाइनल की जाएं। निकायों में एल्डरमैन बनने हैं, इसमें महापौरों को भी तवज्जो देकर उनके नाम लो। सूची जारी करो। जमवाल ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों व प्रशिक्षण प्रोग्राम को भी करने की बात कही।
जिलों की फेरी लगा चुके जामवाल!
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के करीब एक साल पहले जामवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के बतौर मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ में संगठन का काम देख रहे हैं। जबकि छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री पद पर पवन साय पहले से ही तैनात हैं। इसलिए जामवाल को पूरी तरह मध्य प्रदेश की देखरेख के लिए कहा जा सकता है। मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कई मर्तबा उनकी फेरी लग चुकी है। मध्य प्रदेश में हमेशा बदलाव के साथ ही तत्काल नई नियुक्ति होती रही है। संगठन, उपयोगिता के आधार पर नई नियुक्ति का निर्णय करता है। व्यवस्थाओं में समय-समय पर बदलाव होता रहता है। हालांकि पिछले दिनों राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष बीजेपी दफ्तर भोपाल में बैठक कर चुके हैं। प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान के साथ उनकी बैठक हुई है। इस बैठक का असर क्या होता है कि आने वाले दिनों में दिखाई देगा।

Related Articles