एमपी के सरकारी स्कूलों में ५००० शिक्षकों की होगी भर्ती

  • कर्मचारी चयन मंडल को भेजा गया प्रस्ताव

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष पांच हजार शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने तीन हजार प्राथमिक और दो हजार माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल  के माध्यम से आयोजित की जाएगी। विभाग द्वारा मंडल को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
69 हजार शिक्षकों के पद खाली
लोक शिक्षण संचालनालय (ईएसबी) की ओर से प्रदेशभर के स्कूलों से प्राप्त मांग के आधार पर यह भर्ती की जा रही है। इस साल मार्च से ही नए शिक्षण सत्र की शुरुआत होगी, जबकि मई में ग्रीष्म अवकाश रहेगा। अवकाश समाप्त होने के बाद 15 जून से स्कूल खुलेंगे। इसके बाद जुलाई व अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। फिर शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी। बता दें, कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं।
पात्रता के बाद चयन परीक्षा होगी
पात्रता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को चयन परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। चयन परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर विभिन्न सरकारी स्कूलों में पद स्थापना की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।
18 फरवरी को करेंगे राजधानी में प्रदर्शन
पिछले वर्ष आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का परिणाम अब तक घोषित नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी है। लंबे समय से परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों ने 18 फरवरी को प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि परिणाम जारी होने में हो रही देरी से उनकी तैयारी और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। इसके बावजूद पिछले साल केवल करीब 13 हजार पदों पर ही भर्ती निकाली गई है। इनमें माध्यमिक शिक्षक के लगभग 10 हजार और प्राथमिक शिक्षक के करीब तीन हजार पद शामिल हैं। प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा रही है। खाली पदों की संख्या मंडल को भेज दिया गया है। जल्द ही आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों जरूरी है यह भर्ती
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक कई कक्षाओं को पढ़ाने को मजबूर हैं। खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर है। ऐसे में 5000 नए शिक्षकों की भर्ती से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की कमी का सीधा असर बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर पड़ता है। नई शिक्षा नीति के तहत भी प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस भर्ती से सरकार की इस दिशा में प्रतिबद्धता झलकती है।

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