150 डॉक्टरों ने नहीं दी जॉइनिंग, पेनल्टी वसूली जाएगी

  • 2,950 से ज्यादा बॉन्डेड डॉक्टरों ने सेवाएं कीं शुरू

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में इस साल रिकॉर्ड संख्या में एमबीबीएस पास आउट बॉन्डेड डॉक्टरों ने सरकारी अस्पतालों में जॉइनिंग दी है। प्रदेश में 3,118 बॉन्डेड डॉक्टरों में से 2,950 से ज्यादा डॉक्टर जिला और ब्लॉक स्तर पर पहुंचकर सेवाएं शुरू कर चुके हैं। वहीं, करीब 150 डॉक्टर ऐसे हैं, जिन्होंने तय समय सीमा के बाद भी जॉइनिंग नहीं दी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इन डॉक्टरों से बॉन्ड की शर्तों के मुताबिक पेनल्टी वसूलने का निर्णय लिया है। जल्द ही इसकी कार्रवाई शुरू की जाएगी। सरकार की सख्ती के बाद इस बार बॉन्डेड डॉक्टरों की जॉइनिंग का आंकड़ा बढ़ा है। सितंबर के अंत तक करीब 83 प्रतिशत डॉक्टरों ने सरकारी अस्पतालों में कार्यभार संभाला था। इसके बाद शेष 571 डॉक्टरों को छह अक्टूबर तक जॉइनिंग का अवसर दिया गया। अंतिम तारीख तक करीब 90 प्रतिशत डॉक्टरों के जॉइन करने की जानकारी सामने आई है। विभाग के मुताबिक अब लगभग 150 डॉक्टरों ने जॉइनिंग नहीं दी है। पिछले दो वर्षों में बॉन्डेड डॉक्टरों की जॉइनिंग का आंकड़ा करीब 40 प्रतिशत के आसपास ही रहता था। प्रदेश में करीब 476 पीएचसी ऐसे थे, जहां डॉक्टरों के पद खाली होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने में परेशानी होती थी। अब बॉन्डेड डॉक्टरों की जॉइनिंग के बाद ऐसे केंद्रों की संख्या बहुत कम रह गई है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजकर बॉन्डेड डॉक्टरों की पदस्थापना के बाद उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। पत्र में कहा गया था कि बॉन्डेड डॉक्टर पहली बार शहरों से बाहर जाकर दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देंगे। ऐसे में उन्हें रहने, खाने और अन्य व्यावहारिक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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