मध्य प्रदेश में दूध से… घी तक मिलावट का खेल

मिलावट का खेल
  • आठ शहरों में 25 ब्रांड का घी फेल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश भर में दूध और इससे बने उत्पादों की जांच के लिए 20 जुलाई से चलाए जा रहे विशेष अभियान में अभी तक 4642 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 680 सैंपलों की जांच हो पाई है। जांच में 174 सैंपल अमानक पाए गए हैंैं। असुरक्षित सैंपलों से मतलब है कि उनमें कोई बाहरी चीज मिलाई गई है, जो जीवन के लिए खतरनाक भी हो सकती है। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के मद्देनजर मध्यप्रदेश में दूध, घी, मावा और मिठाइयों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस कड़ी कार्रवाई के दौरान भोपाल और इंदौर सहित राज्य के 8 प्रमुख शहरों में घी के 25 ब्रांड्स के सैंपल जांच में अमानक पाए गए हैं। इन नमूनों में पॉम ऑयल और अन्य हानिकारक मिलावटों की पुष्टि हुई है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को दर्शाती है।
नागपुर से आया 166 किलो मिल्क केक अमानक घोषित
राजधानी भोपाल के नादरा बस स्टैंड पर सोमवार को की गई छापेमारी में जब्त किए गए 166 किलो मिल्क केक की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आ चुकी है, जो अमानक पाई गई है। यह खेप महाराष्ट्र के नागपुर स्थित मनन स्वीट्स से लाई गई थी। खाद्य सुरक्षा नियंत्रक मनोज पुष्प ने नागपुर के कलेक्टर को पत्र लिखकर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हडक़ंप मचा हुआ है।
4,642 नमूनों की जांच, 174 अमानक
अभियान के दौरान प्रदेशभर से 4,642 नमूने लिए गए। इनमें 2,605 वैधानिक और 2,037 निगरानी नमूने हैं। प्रयोगशाला में जांचे गए 680 नमूनों में से 174 अमानक पाए गए। कार्रवाई में 18 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीयन निरस्त किए गए और 172 नोटिसजारी किए गए।
10,835 किलो प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जब्त
प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। विभाग ने 10,835 किलो स्टॉक जब्त किया है। इसके उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर रोक के बाद अब ऐसे कारोबारियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा सैंपल फेल
जारी रिपोर्ट के अनुसार, मिलावटखोरी के इस कारोबार में बड़े शहर सबसे आगे हैं। जांच के दौरान अकेले भोपाल में 9, इंदौर में 7 और उज्जैन में 3 घी के सैंपल फेल हुए हैं। इसके अलावा, कटनी, नर्मदापुरम, डिंडौरी, धार और दमोह जैसे जिलों से भी घी के अमानक नमूने मिलने से हडक़ंप मच गया है। प्रशासन ने इन सभी मामलों में सख्त विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गुजरात और महाराष्ट्र तक जुड़े मिलावट के तार
कार्रवाई का दायरा सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े मिले हैं। फूड सेफ्टी कंट्रोलर ने गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर खेड़ा जिले की बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स के घी के नमूनों के असुरक्षित पाए जाने पर निर्माता के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, नागपुर से बस के जरिए मध्यप्रदेश आ रहे मिलावटी उत्पादों पर भी शिकंजा कसा गया है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के अंतर्गत लिए गए सैंपलों में से 2605 विधिक और बाकी सर्विलांस यानी निगरानी के संबंध में लिए गए हैं। अमानक पाए गए सैंपलों के निर्माताओं और विक्रेताओं के विरुद्ध कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत किए जाएंगे।

Related Articles