
मुंबई। महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा है कि टीपू सुल्तान के नाम पर बने सार्वजनिक चौकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनका दावा है कि ऐसे नाम वाले स्थान पाकिस्तान में बनाए जाने चाहिए। मंत्री नितेश राणे की यह टिप्पणी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के बीच तुलना की थी।
इससे पहले कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि भाजपा के एक दुर्भावनापूर्ण एजेंडे के तहत सामाजिक तनाव पैदा करने के लिए उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।ठाणे के मीरा-भयंदर और अन्य शहरों में टीपू सुल्तान के नाम पर बने सार्वजनिक चौराहों के बारे में पूछे जाने पर, नितेश राणे ने कहा, ‘जहां कहीं भी ऐसे चौक मौजूद हैं, हम उन्हें उखाड़ फेंकेंगे। टीपू के नाम पर बने सभी चौक पाकिस्तान और इस्लामाबाद में बनाए जाने चाहिए।’ इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ‘हम अपने हिंदू राष्ट्र में इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे और चुप नहीं बैठेंगे।’
बता दें कि, ठाणे में मालवानी महोत्सव में भाग लेने आए नितेश राणे ने यह भी कहा कि मुंबई में प्रस्तावित भवन की तरह ही पांच साल के भीतर ठाणे में भी एक ‘कोंकण भवन’ का निर्माण किया जाएगा, जो कोंकण क्षेत्र के लोगों के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा। कोंकण क्षेत्र के कंकावली से विधायक ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से नगर आयुक्त से इस मामले को उठाएंगे और स्थानीय प्रतिनिधियों से इस पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। नितेश राणे ने कहा कि उन्होंने मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े को पत्र लिखकर राज्य की राजधानी में कोंकण भवन के निर्माण की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा कोंकण क्षेत्र के उन लोगों की मदद करेगी जो रोजगार के लिए शहरों में पलायन कर गए हैं लेकिन अपने मूल स्थानों से जुड़े रहना चाहते हैं।
