
पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा तेजी से चढ़ रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगातार विवाद और मालदा में न्यायाधीशों के घेराव जैसी घटनाओं ने राज्य की राजनीति को हिला कर रख दिया है। ऐसे में अब इस घेराव घटना पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का एक कड़ा एक्शन सामने आया है। बुधवार को एनआईए ने इस मामले में 12 एफआईआर दर्ज किए और फिर इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी। एनआईए की तरफ से उठाया गया यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उठाया गया। इससे पहले न्यायालय ने इसे राज्य प्रशासन की गंभीर विफलता और राजनीतिक हस्तक्षेप के संकेत के रूप में देखा था। ऐसे में अब इस कदम से स्पष्ट हो गया है कि चुनावी माहौल में कानून और व्यवस्था की रक्षा के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एनआईए के बयान में कहा गया, एनआईए की जांच टीमें इन मामलों की पूरी जांच के लिए पहले ही मालदा जा चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एनआईए को मालदा में सात ज्यूडिशियल अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामलों को अपने हाथ में लेने का आदेश दिया।
