
बिच्छू डॉट कॉम। सीएम योगी गुरुवार को कानपुर में प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कृषि उत्पादों के अलग-अलग स्टॉल का मुआयना किया। योगी ने कहा कि लोगों ने खेती और पशुपालन से दूरी बनाकर शॉर्टकट का रास्ता अपनाया, जिसके दुष्परिणाम आज सामने आ रहे हैं। बैलों का उपयोग करना बंद कर दिया। गाय का दूध पिएंगे और सडक़ों पर छोड़ देंगे और वो फसल नुकसान पहुंचाएंगे तो गाली मुझे देंगे। गाय हमारी माता है, जन्म जन्मांतर का नाता है। गौ माता को कटने नहीं देंगे। भारत के अंदर जन्मा हर व्यक्ति गौ-माता की पूजा करता है। अनेक उदाहरण जनता के सामने हैं। सिख गुरुओं के इतिहास आपके सामने हैं। जब कोई आक्रांता गो हत्या करता था या कोई कसाई गौ-माता की हत्या करता था तो सिख वीरों ने वहीं पर उसका काम तमाम किया है। ये उस समय की बात है जब देश गुलाम था। 2004 से 2014 के बीच में लाखों किसानों ने आत्महत्या की। 2014 के बाद उसमें रोक लगी। सरकार का संकल्प है कि गौवंश की तस्करी और उन्हें कटने नहीं देंगे।
