
हम सभी ने कभी न कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे हैं। चाहे आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो, पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत दर्ज करानी हो या फिर नगर निगम का कोई काम हो, आम नागरिक का पाला अक्सर ऐसे कर्मचारियों या अधिकारियों से पड़ जाता है, जो काम के बदले रिश्वत की मांग करते हैं। अक्सर लोग डर या झंझट से बचने के लिए पैसे दे देते हैं और ये घटनाएं दबी रह जाती हैं। लेकिन अब भ्रष्टाचार की इन घटनाओं का रिकॉर्ड रखने के लिए एक शानदार डिजिटल पहल शुरू हुई है। इस नई पहल का नाम है- ब्राइब्स एफवायआई एक ऐसा अनोखा प्लेटफॉर्म जो रिश्वतखोरी की गुमनाम शिकायतों को एक सार्वजनिक डेटा में तब्दील कर रहा है, ताकि भ्रष्टाचार का एक बड़ा और साफ पैटर्न देश के सामने आ सके।
