
बंगलूरू। कर्नाटक में राज्यपाल के अपमान को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। बेंगलुरु में मंगलवार को विधानसभा के बाहर विपक्षी पार्टियों BJP और JDS ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन में विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस के कुछ विधायकों को सस्पेंड करने की मांग रखी। इन विधायकों पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत के साथ बदसलूकी और अपमान करने का आरोप है। यह घटना विधानसभा की संयुक्त बैठक के दौरान हुई थी। BJP और JDS के नेता इसी बात को लेकर नाराज हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
22 जनवरी को कर्नाटक विधानसभा में भारी ड्रामा हुआ था। राज्यपाल ने सरकार का तैयार किया हुआ भाषण पढ़ने से मना कर दिया था। उन्होंने सिर्फ तीन लाइनों में अपनी बात खत्म कर दी। इससे कांग्रेस सरकार नाराज हो गई थी। जैसे ही राज्यपाल अपनी तीन लाइन की स्पीच के बाद बाहर जाने लगे, कुछ कांग्रेसी विधायक उन्हें घेरने लगे। इनमें एमएलसी हरिप्रसाद का नाम भी सामने आया। इन नेताओं ने राज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी भी की। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया।
प्रदर्शन में BJP और JDS ने एक्साइज मंत्री आर बी तिम्मापुर को भी हटाने की मांग की। उन पर एक्साइज डिपार्टमेंट में घोटाले का आरोप है। इसके अलावा राज्य में खराब कानून-व्यवस्था और महिलाओं की कम सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदर्शन में विपक्ष के नेता आर अशोक, चालावादी नारायणस्वामी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और सी टी रवि जैसे बड़े नेता शामिल हुए। विरोध के दौरान कुछ और मुद्दे भी उठाए गए। कोप्पल से कांग्रेस सांसद राजशेखर बसवराज हितनाल के एक बयान पर भी नाराजगी जताई गई। उन्होंने एक विदेशी महिला के रेप और मर्डर को छोटी घटना बताया था। इसके अलावा केंद्र सरकार के नए रोजगार गारंटी कानून के खिलाफ कांग्रेस के झूठे प्रचार का भी विरोध किया गया।
