
मुंबई। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को एक अहम बयान दिया। उन्होंने पिछले महीने हुए उस विमान हादसे में किसी भी तरह की साजिश की बात से इनकार किया है, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, अठावले ने सरकार से इस मामले की पूरी जांच करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। मामले में एनसीपी (एसपी) के विधायक और दिवंगत अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने इस प्लेन क्रैश को लेकर कई सवाल उठाए हैं। रोहित पवार ने इस दुखद हादसे में कुछ गड़बड़ होने का शक जताया था और कहा था कि एक्सपर्ट एजेंसियों से इसकी जांच होनी चाहिए।
इस पर जवाब देते हुए अठावले ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम क्रैश की विस्तृत जांच की मांग करते हैं। कुछ लोग इसमें गड़बड़ी का शक जता रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई गड़बड़ी हुई है। खुद शरद पवार साहब ने उसी दिन साफ कर दिया था कि यह एक हादसा था।” अठावले ने जांच के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा, “पायलट को उस वक्त एयरपोर्ट पर लैंड करने से बचना चाहिए था। इसके बजाय उन्हें पुणे के लिए उड़ान भरनी चाहिए थी।”
यह दर्दनाक हादसा 28 जनवरी को पुणे जिले में बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ था। लियरजेट क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार के अलावा कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हो गई थी। रामदास अठावले ने पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक जाकर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। शरद पवार वहां भर्ती हैं। अठावले ने उनकी सेहत की जानकारी देते हुए बताया कि पवार साहब की हालत स्थिर है और वह रिकवर कर रहे हैं। मंत्री ने कहा, वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे।
अठावले ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे की अभी तक पब्लिश न हुई किताब (मेमॉयर) को लेकर चल रहे विवाद पर भी टिप्पणी की। किताब में भारतीय इलाके में चीनी घुसपैठ और जनरल नरवणे के सरकार से निर्देश मांगने का जिक्र है। इस पर कथित तौर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें “जो भी सही हो वह करने” की सलाह दी थी। इस पर अठावले ने कहा, “ऐसी स्थितियों में सरकार से निर्देश लेने की कोई जरूरत नहीं होती क्योंकि स्थानीय आर्मी अधिकारियों को खुद ही सही कार्रवाई करने का अधिकार होता है। ऐसा लगता है कि यह प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने की कोशिश है।”
