शिक्षा के बजट पर राज्यों मारी कुंडली, 94.2 फीसदी स्कूलों में नहीं शौचालय

शिक्षा के बजट

बिच्छू डॉट कॉम। देशभर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और घटती छात्र संख्या के बीच राज्यों के शिक्षा बजट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018-19 से अब तक के औसत बजट आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई सूची में कर्नाटक सबसे नीचे है। इसके बाद झारखंड और उत्तर प्रदेश का स्थान है। मध्यप्रदेश 13.76 फीसदी बजट आवंटन के साथ इस सूची में चौथे सबसे निचले पायदान पर है। यह आंकड़ा यूनेस्को द्वारा निर्धारित 15 से 20 प्रतिशत के वैश्विक मानक से काफी कम है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान भी शिक्षा आवंटन के मामले में मध्यप्रदेश से बेहतर स्थिति में हैं, जबकि बिहार 18.78 फीसदी खर्च के साथ शीर्ष पर है। यूडीआईएसई+ के आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 से 2025-26 के बीच देश में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों की संख्या 11 लाख से घटकर 10 लाख रह गई है। इस दौरान 1.5 करोड़ छात्रों ने सरकारी स्कूलों को छोड़ दिया। हालांकि घटती जन्मदर को भी इसका एक कारण माना जा रहा है, लेकिन इसी अवधि में निजी स्कूलों में 70 लाख नए बच्चों का प्रवेश होना साबित करता है कि अभिभावकों का सरकारी व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है।

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