
तेल अवीव। पश्चिम एशिया में तनाव पहले ही चरम पर था, लेकिन अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले और फिर ईरान की जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्र में अशांति और तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। ऐसे में दोनों तरफ से जारी हमलों के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि उन्होंने इस्राइली सेना को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं। नेतन्याहू ने यह एलान किर्या, रक्षा मुख्यालय की छत से किया, जहां वे रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज, आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ इयाल जमीर और मोसाद के डायरेक्टर डेविड बार्नेया के साथ बैठक कर चुके थे। बता दें कि यह बयान उस दिन आया जब अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई। इसके बाद क्या था, बात इतनी बढ़ गई कि ईरान ने इसे बिना वजह और अवैध हमला बताते हुए इस्राइल और अन्य खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए।
अपने एलान में आगे कहा कि उनकी सेनाएं अब तेहरान पर लगातार हमला कर रही हैं और आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज होगी। उन्होंने कहा कि कल हमने अत्याचारी खामेनेई को खत्म किया। उनके साथ, कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि ईरान के मिसाइल हमलों में इस्राइल में कई नागरिकों की जान गई। साथ ही तेल अवीव में एक महिला मिसाइल हमले में मारी गई और बेत शेमेश में नौ लोग मारे गए। नेतन्याहू ने मारे जाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया और घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।नेतन्याहू ने बताया कि इस अभियान में इस्राइल की पूरी सेना लगी हुई है और अमेरिका ने भी उन्हें समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त ताकत उन्हें 40 साल से किए गए आतंक विरोधी प्रयास को पूरा करने का मौका देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमने जो वादा किया था, वही करेंगे- आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई और अपने भविष्य की सुरक्षा।
