
दोहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात में वह ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता। कतर का कहना है कि जब वह खुद हमलों का सामना कर रहा है, तब इस तरह की जिम्मेदारी निभाना संभव नहीं है। कतर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलैफी ने कतर द्वारा एक साक्षात्कार में यह बात कही। अल-खुलैफी ने कहा कि कतर और ओमान लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश करते रहे हैं। इन प्रयासों का मकसद क्षेत्र में तनाव कम करना और बातचीत के रास्ते खोलना था। उन्होंने कहा हम पर हमले हो रहे हों तो हम मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकते। ईरान को यह समझने की जरूरत है। क्षेत्र के देश ईरान के दुश्मन नहीं हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि ईरान इस बात को नहीं समझ रहा।
इसी बीच कतर ने बुधवार सुबह अपने नागरिकों को संभावित ईरानी हमले को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी। एसोसिएटेड प्रेस के एक पत्रकार के अनुसार, राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। बताया गया कि हवाई सुरक्षा प्रणाली ने शहर के ऊपर आने वाली मिसाइलों को रोकने के लिए कार्रवाई की। वहीं दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्सबी) के पास दो ड्रोन गिराए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना में एक भारतीय नागरिक सहित कुल चार लोग घायल हो गए। दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट के आसपास उड़ रहे दो ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद ये ड्रोन एयरपोर्ट के पास गिर गए, जिससे आसपास मौजूद लोगों को चोटें आईं।
