
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर तीखी चेतावनी दी है। ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि देखते रहिए आज इन पागलों के साथ क्या होता है। अपने पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने लिखा कि ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, वायुसेना भी अब नहीं रही और उसके मिसाइल, ड्रोन व अन्य सैन्य संसाधनों को नष्ट किया जा रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के कई नेता भी मारे जा चुके हैं।
ट्रंप ने अपने संदेश में ईरान पर पिछले 47 वर्षों से दुनिया भर में निर्दोष लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा कि उन्होंने 47 साल तक दुनिया भर में निर्दोष लोगों को मारा है और अब मैं, अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति, उन्हें खत्म कर रहा हूं। यह मेरे लिए बड़ा सम्मान है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी जंग के बीच अपना पहला बयान जारी किया। बयान में खामेनेई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का इस्तेमाल ताकत के रूप में किया जाना चाहिए और अमेरिका के ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे। पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच यह उनका पहला संदेश है।
इस धमकी ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है और सप्लाई ठप पड़ने का डर और गहरा गया। इसी बढ़ते संकट के बीच अब अमेरिका ने अचानक रुख बदलते हुए दूसरे देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए अस्थायी मंजूरी देने का फैसला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने नोटिस जारी कर जानकारी दी कि 12 मार्च को सुबह 12.01 बजे या उससे पहले जहाजों पर लादे गए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित लेनदेन की अनुमति दी गई है, और यह आदेश 11 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला उस समय आया है जब बीते 14 दिनों से अमेरिका और इस्राइल का ईरान पर जारी भीषण हमला और जवाबी कार्रवाई के रूप में ईरान की ओर से इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर की जा रही बमबारी ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जिसके चलते दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
