
काठमांडो। नेपाल के कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) रामप्रसाद भंडारी ने कहा कि आगामी चुनाव देश में सुशासन स्थापित करने और संविधान की रक्षा के लिए अनिवार्य हैं। किसी भी स्थिति में मतदान प्रक्रिया नहीं रुकेगी। काठमांडो में रविवार को भंडारी ने कहा कि चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद तरह-तरह की शंकाएं और अफवाहें फैलाई जा रही हैं लेकिन इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में चुनाव का कोई विकल्प नहीं होता। कुछ असंतुष्ट तत्व चुनाव टलने की आशंका फैलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नेपाली जनता ऐसे भ्रम का हिस्सा नहीं बनेगी।
भंडारी ने कहा कि पांच मार्च को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन की अपेक्षा रखने वाले नागरिकों को गुमराह कर अस्थिरता पैदा करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। मीडिया से अपील करते हुए भंडारी ने मतदान से पहले मत सर्वेक्षण नहीं करने का आग्रह किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव पूर्व ऐसे सर्वे मतदाताओं की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं और इससे चुनाव की निष्पक्षता पर असर पड़ता है।
नेपाल में मधेश प्रांत की गौर नगरपालिका में सांप्रदायिक झड़पों के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालात को देखते हुए कर्फ्यू बरकरार है। हालांकि, इसमें सुबह 6.30 बजे से 8.30 बजे तक ढील दी गई है, ताकि लोग जरूरत के सामान खरीद सकें। जिला प्रशासन कार्यालय ने एक नोटिस जारी कर कहा कि पूर्वी मुदबलवा गेट, पश्चिमी लालबकैया बांध, बास नहर के उत्तर और गौर सीमा शुल्क कार्यालय के दक्षिण में निषेधाज्ञा रविवार सुबह साढ़े आठ बजे से अगले नोटिस तक प्रभावी रहेगी।
