हम साथ मिलकर काम करेंगे: ट्रंप

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता के बावजूद, 600,000 चीनी छात्रों को अमेरिकी कॉलेजों में पढ़ने की अनुमति दी जाएगी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के बीच संबंधों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अफवाहों को खारिज किया कि अमेरिका चीनी छात्रों को प्रवेश नहीं देगा। ट्रंप ने कहा, ‘हम उनके छात्रों को आने देंगे। यह बहुत महत्वपूर्ण है। हम चीन के साथ मिलकर काम करेंगे।’

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्यांग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों पर अपने रुख को मजबूत किया। साथ ही जोर देकर कहा कि अमेरिका चीन के साथ बेहतरीन संबंध बनाए रखेगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऐसे कदम नहीं उठाएंगे जो देश को तबाह कर दें। ट्रंप ने कहा, ‘चीन के साथ हमारे अच्छे संबंध होंगे। उनके पास कुछ दांव हैं। हमारे पास अविश्वसनीय दांव हैं, लेकिन मैं उन दांवों को नहीं खेलना चाहता। अगर मैं उन दांवों को खेलता हूं, तो इससे चीन बर्बाद हो जाएगा। मैं उन दांवों को नहीं खेलूंगा।’

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें चीनी जनवादी गणराज्य (पीआरसी) के साथ चल रही बातचीत को प्रतिबिंबित करने के लिए पारस्परिक टैरिफ दरों में और संशोधन किया गया है। ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ चल रही बातचीत के कारण यह उपाय आवश्यक था, ताकि राष्ट्रीय एवं आर्थिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर किया जा सके। नए आदेश के अनुसार, चीन गैर-पारस्परिक व्यापार व्यवस्थाओं को सुधारने और आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से संबंधित अमेरिका की चिंताओं का समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। ट्रंप ने आगे कहा कि इस उपाय को कानून के अनुरूप और विनियोग की उपलब्धता के अधीन लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘इसका उद्देश्य अमेरिका के विरुद्ध किसी भी पक्ष द्वारा कानून या इक्विटी के तहत लागू करने योग्य कोई अधिकार या लाभ उत्पन्न करना नहीं है और न ही यह ऐसा करता है।’

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