
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश-बर्फबारी से बदला मौसम, आज और कल भी बरसेंगे बादल
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
गैस सिलेंडर नहीं मिला, दो बच्चों- पति को छोड़ पत्नी चली गई मायके
गैस सिलिंडर की लगातार समस्या अब घरों में विवाद का कारण बन रही है। ऐसे ही एक मामले में सिलिंडर नहीं मिलने से नाराज होकर एक महिला बच्चों और पति को छोडक़र मायके चली गई। यह घटना मैनपुरी जिले के बेवर कस्बा के जीटी सडक़ निवासी शिव शंकर अग्रवाल के परिवार में हुई है। शिव शंकर अग्रवाल एक स्थानीय गैस एजेंसी के कनेक्शन धारक हैं। उन्होंने बताया कि उनका गैस सिलेंडर 12 मार्च को समाप्त हो गया था। वे अगले दिन यानी 13 मार्च को एजेंसी पर सिलेंडर लेने गए। जब उन्होंने गैस बुकिंग की, तो मोबाइल पर एक संदेश आया। संदेश में लिखा था कि उनकी पर्ची 2 मार्च को निकल चुकी है। शिव शंकर ने एजेंसी संचालक से इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2 मार्च को न तो बुकिंग की थी और न ही सिलेंडर लिया था। फिर भी सिलेंडर कैसे और किसे दे दिया गया, यह सवाल उन्होंने उठाया। शिव शंकर ने यह पूरी बात अपनी पत्नी रचना अग्रवाल को बताई। रचना ने साफ कहा कि वह कुछ नहीं जानती और किसी भी तरह सिलिंडर लेकर आए। घर में खाना बनाने की समस्या के चलते पत्नी ने दो तीन दिन चूल्हे पर खाना बनाया। इसके बाद उनकी नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया।
एपस्टीन फाइल्स: अमेरिकी संसद में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
अमेरिकी संसद में बुधवार को एपस्टीन फाइल्स मामले पर जमकर हंगामा हुआ। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बुधवार को न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एपस्टीन फाइल्स विवाद में बंद कमरे में ब्रीफिंग देने के विरोध में संसद से वॉकआउट किया। डेमोक्रेट्स ने कहा कि अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को सवालों के जवाब देने होंगे क्योंकि उन्होंने इसकी शपथ ली है। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश बुधवार को कैपिटल हिल पहुंचे थे, जहां उन्होंने एपस्टीन के यौन तस्करी मामले से जुड़ी लाखों फाइलों के प्रबंधन को लेकर बढ़ती नाराजगी को शांत करने की कोशिश की। हालांकि, ब्रीफिंग शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही डेमोक्रेट्स ने व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि वे बॉन्डी को अगले महीने शपथ के तहत बयान देने के लिए जारी समन को लागू करवाने की मांग करेंगे। डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि उन्होंने बार-बार बॉन्डी से पूछा कि क्या वे समय का पालन करेंगी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
अब पूरे देश में एक जैसे नियम से बनेगी दवा, पूरा डोजियर देने पर ही मिलेगा लाइसेंस
अब पूरे देश में एक जैसे नियम से दवाएं बनेगीं। दवा उत्पादन का लाइसेंस लेने के लिए कंपनियों को एक ही बार में सभी दस्तावेजों का पूरा डोजियर देना होगा। इसमें दवा की जांच रिपोर्ट, गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभाव और उत्पादन से जुड़ी जानकारी होगी। इस डोजियर की जांच के बाद ही स्थानीय स्तर पर औषधि नियंत्रक विभाग लाइसेंस देने या नहीं देने की सिफारिश करेगा। जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी राज्य औषधि नियंत्रकों से केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने फार्मा कंपनियों को दवा उत्पादन लाइसेंस देने के लिए डोजियर आधारित प्रणाली लागू करने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश एफडीए को प्रणाली को समझने के लिए नौ पेज का मार्गदर्शन दस्तावेज भी साझा किया है। इसकी पुष्टि करते हुए अलीगढ़ जिला औषधि नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था से घटिया दवाओं की जांच प्रक्रिया अधिक सख्त और व्यवस्थित होगी।
