बिच्छू राउंडअप/कठुआ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने घेरे तीन आतंकी, मुठभेड़ के बीच एक जवान घायल

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कठुआ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने घेरे तीन आतंकी, मुठभेड़ के बीच एक जवान घायल
डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर के बसंतगढ़ के बाद अब कठुआ के पहाड़ी क्षेत्र बिलावर से भी आतंकी चकमा देकर भाग निकले। बुशाम को उज्ज दरिया के कमांड क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई जो करीब चार घंटे तक चली। इसके बाद आतंकी अंधेरे का लाभ उठाकर जंगल भाग गए। घने अंधेरे और खतरनाक भूभाग के बावजूद सुरक्षाबल जंगल में एहतियात बरतते हुए तलाशी अभियान जारी रखे हैं। ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। वहीं, सुरक्षाबलों ने गुरुवार को आतंकवादियों की तलाश के लिए फिर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी मामूली रूप से घायल हो गया। आतंकियों की संख्या तीन है, ये वही जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हो सकते हैं, जो हीरानगर से घुसपैठ करने के लिए कई दिनों से लगातार सीमा पार देखे जा रहे थे। यह 2026 का पहला बड़ा आतंकरोधी ऑपरेशन है। पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने इंटरनेट मीडिया पर इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। इस अभियान की निगरानी एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा खुद कर रही हैं। जानकारी अनुसार स्थानीय लोगों ने शाम लगभग चार बजे कमाड नाला के पास संदिग्ध देखे। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) मौके पर पहुंच गए। सुरक्षाबलों ने दोपहरबाद करीब साढ़े चार बजे संदिग्धों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया।

अलोकतांत्रिक सरकार ने बांग्लादेश को अराजकता के हवाले कर दिया.. शेख हसीना
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि एक कभी स्थिर और विकासशील देश को अलोकतांत्रिक शासन के हाथों व्यवस्थित रूप से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज बांग्लादेश में आतंक और डर के जरिए राजनीति हावी हो चुकी है, जबकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 17 महीनों से भारत में रह रहीं शेख हसीना ने कहा कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या और उसके बाद की घटनाएं अंतरिम सरकार की पूरी विफलता को उजागर करती हैं। उनके अनुसार, यह हत्या बीएनपी, जमात और एनसीपी के बीच चुनावी प्रतिद्वंद्विता का नतीजा थी, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया ने स्थिति को संभालने के बजाय और बिगाड़ दिया। बांग्लादेश में डर व धमकाने की बढ़ती राजनीति पर भी उन्होंने अपनी चिंता जताई है। शेख हसीना ने कहा, जब किसी सरकार के पास वैध जनादेश नहीं होता, तो सामान्य कानून-व्यवस्था की समस्याएं भी राष्ट्रीय संकट में बदल जाती हैं।

गोरखपुर में 2.25 करोड़ के सोने के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास से तीन अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1600 ग्राम अवैध गोल्ड बुलियन बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बड़ी कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तस्करों ने थाईलैंड और म्यांमार जैसे देशों से अवैध सोना लाने के लिए नए रास्तों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। डीआरआइ अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार तस्कर पहले थाईलैंड से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से वे ट्रेन के जरिये सोने की खेप लेकर गोरखपुर आए। तस्कर सोने को शरीर में छिपाकर और विशेष पैकिंग के जरिये लाए थे ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें। लेकिन, डीआरआइ को पहले से इनकी गतिविधियों की सूचना मिल चुकी थी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर इन्हें धर दबोचा। पूछताछ में सामने आए इनपुट के आधार पर अंदेशा है कि यह तस्करी नेटवर्क हवाला कारोबार से भी जुड़ा हो सकता है। आशंका है कि सोने की बिक्री से मिलने वाली रकम को अवैध तरीके से विदेश भेजा जाता था।

हल्दिया में बनेगा नया नौसैनिक अड्डा, चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश पर रहेगी नजर
भारतीय नौसेना पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक नया नौसैनिक अड्डा तैयार कर रही है। सूत्रों ने बताया कि यह सुविधा हल्दिया पोर्ट अथॉरिटी के सहयोग से तैयार की जा रही है। इस नौसैनिक अड्डे पर फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी) और फास्ट अटैक क्राफ्ट (एफएसी) जैसे छोटे व तेज जहाजों की तैनाती की जा रही है। यह जहाज तटीय सुरक्षा और घुसपैठ रोधी अभियानों के लिए आदर्श माने जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि हल्दिया में नौसैनिक सुविधा का प्रस्ताव काफी पुराना था, अब इसको आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल गई है। शुरुआती चरण में हल्दिया में एक विशेष जेटी बनाई जा रही है, ताकि छोटे जहाजों को आसानी से डॉक किया जा सके। हल्दिया एक व्यस्त व्यापारिक बंदरगाह है। नौसैनिक युद्धपोतों की आवाजाही को वाणिज्यिक जहाजों के साथ सुचारू रूप से चलाने के लिए हल्दिया पोर्ट अथॉरिटी के तालमेल से कार्य किया जा रहा है।

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