बिच्छू राउंडअप/दर्दनाक सडक़ हादसे में तीन की मौत: अनियंत्रित होकर कई बार पलटी कार

दर्दनाक सडक़ हादसे में तीन की मौत: अनियंत्रित होकर कई बार पलटी कार
बुलंदशहर-मेरठ हाईवे पर सोमवार देर रात गुलावठी थाना क्षेत्र के चिड़ावक कट के पास एक तेज रफ्तार हुंडई क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी दिशा में ट्रक से जा टकराई। इस दौरान कार तीन से चार बार पलटी और सामने से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई। हादसे में कार सवार तीनो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में मेरठ के सरधना निवासी एक डॉक्टर भी शामिल हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सोमवार देर रात बुलंदशहर की ओर से आ रही सफेद रंग की क्रेटा कार जैसे ही गुलावठी क्षेत्र के चिड़ावक कट के पास पहुंची, अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह सडक़ पर तीन से चार बार पलटी खाते हुए डिवाइडर लांघकर  गलत साइड मेरठ की ओर से आने वाली लेन में पहुंच गई और तभी सामने से आ रहे एक ट्रक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई।  टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह कबाड़ के ढेर में तब्दील हो गई।  सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हडक़ंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों की सांसें थम चुकी थीं। मृतकों  की पहचान हो गई है।
नए साझेदारों की तलाश में पोलैंड, उप-प्रधानमंत्री बोले- भारत से सहयोग को तैयार
पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने कहा है कि बढ़ते वैश्विक टैरिफ के चलते पोलैंड नए व्यापारिक साझेदारों की तलाश कर रहा है और इस दिशा में भारत ने सहयोग के लिए तत्परता दिखाई है। भारत दौरे के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने मुक्त और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार की जरूरत पर जोर दिया। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिकोरस्की ने कहा जब दुनिया के कुछ हिस्सों से हमें बढ़े हुए टैरिफ का सामना करना पड़ता है, तब हम नए व्यापारिक साझेदार तलाशते हैं। भारत ने हमारे साथ जुडऩे की इच्छा दिखाई है। हमें दुनिया को यह दिखाना होगा कि आज भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो मुक्त व्यापार में विश्वास रखते हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए एक व्यापार समझौते के तहत अधिकांश यूरोपीय संघ उत्पादों पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया था। पोलैंड, जो यूरोपीय संघ का सदस्य है, इस फैसले से प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारत जैसे उभरते बाजार पोलैंड के लिए अहम साझेदार बनकर सामने आ रहे हैं।
तमिलनाडु में थेनपेन्नई नदी महोत्सव के दौरान सिलेंडर फटा, एक की मौत
तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में काणम पोंगल के मौके पर आयोजित थेनपेन्नई नदी महोत्सव उस समय मातम में बदल गया, जब गुब्बारों में गैस भरने वाला एक हीलियम सिलेंडर अचानक फट गया। इस दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे पहले एक पुलिस अधिकारी ने मौत की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा था कि विस्फोट स्थल पर तीन लोग बेहोश पाए गए और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जांच की जा रही है। यह घटना मल्लुरपेट्टई इलाके में शाम करीब 7 बजे हुई, जब उत्सव लगभग समाप्त हो चुका था और लोग अपने-अपने घर लौट रहे थे। उसी दौरान बच्चों के मनोरंजन के लिए बड़े गुब्बारों में हीलियम गैस भरी जा रही थी। अचानक हुए तेज विस्फोट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। अधिकारी ने यह भी बताया कि चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना हीलियम गैस से भरे गुब्बारे बेचने वाली एक छोटी सी दुकान के अंदर हुई। बता दें कि तमिल में आत्रु तिरुविझा कहलाने वाला यह त्योहार, जो अक्सर तमिल महीने थाई (थाई पूसम) के पांचवें दिन विल्लुपुरम, कुड्डालोर और कल्लाकुरिची जैसे जिलों में मनाया जाता है।
तकनीक: अब चांद की जानलेवा धूल नहीं बनेगी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए समस्या
चांद पर कदम रखते ही जो धूल कभी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जाती थी, अब वही धूल जल्द ही अतीत बन सकती है। अपोलो मिशन के दौर में स्पेससूट खराब करने, उपकरणों को जाम करने और फेफड़ों तक को नुकसान पहुंचाने वाली चंद्र धूल से निपटने के लिए नासा ने एक नई, अत्याधुनिक तकनीक विकसित कर ली है। यह तकनीक बिजली की मदद से धूल को सतहों से दूर उड़ा देती है। नासा अब इस प्रणाली को और बेहतर बनाने में जुटा है, ताकि आर्टेमिस मिशन के तहत चांद पर लंबे समय तक रहने, अधिक वैज्ञानिक प्रयोग करने और स्थायी मौजूदगी की राह आसान हो सके। नासा की ओर से शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार चांद की सतह पर मौजूद धूल साधारण मिट्टी नहीं है। यह अरबों साल पुराने ज्वालामुखीय पत्थरों और कांच के बेहद महीन, नुकीले कणों से बनी है, जो माइक्रो मीटियोराइट टक्करों से टूट-टूटकर तैयार हुए हैं। यह धूल हल्की सी हलचल या विकिरण मिलने पर विद्युत आवेशित हो जाती है और हवा में तैरने लगती है।  बिच्छू  राउंडअप

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