
सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘बदनाम नहीं करने देंगे…’ एनसीईआरटी पर बरसे सीजेआई
देश की सर्वोच्च अदालत ने एनसीईआरटी की कक्षा 8 की नई किताब में शामिल एक विवादित अध्याय पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि वे खुद इस प्रकरण की जांच करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान कहा कि संस्था का मुखिया होने के नाते मैंने इस मामले पर संज्ञान लिया है। यह एक सोचा-समझा कदम प्रतीत होता है। बार और बेंच से लेकर हाई कोर्ट के न्यायाधीश तक इस सामग्री से परेशान हैं। मैं किसी को भी इस संवैधानिक संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं दूंगा। कृपया कुछ दिन इंतजार कीजिए, कानून अपना काम करेगा। यह मामला तब प्रकाश में आया जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट को सूचित किया कि एनसीईआरटी कक्षा 8 के छात्रों को ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ यानी न्यायिक भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ा रहा है।
एपस्टीन फाइल्स पर बिल गेट्स का बड़ा कबूलनामा, हां, रूसी महिला से थे मेरे संबंध
दुनिया के मशहूर उद्योगपति और परोपकारी बिल गेट्स एक बार फिर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के चलते सुर्खियों में हैं। इस मामले में फंसे बिल गेट्स अब माफी मांग रहे हैं। उन्होंने कबूल किया है कि उनके दो रूसी महिलाओं से संबंध थे। हाल ही में सामने आए नए दस्तावेजों के बाद बढ़े विवाद के बीच गेट्स ने अपनी संस्था बिल गेट्स फाउंडेशन के कर्मचारियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा है कि उनसे बड़ी गलती हुई है। सूत्रों के मुताबिक एक आंतरिक टाउनहॉल मीटिंग में गेट्स ने अपने पुराने संबंधों को लेकर सवालों का जवाब देते हुए स्वीकार किया कि एपस्टीन के साथ समय बिताना और फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारियों को उससे मिलवाना ‘एक बड़ी गलती’ थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले के कारण संगठन के लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसके लिए वे जिम्मेदारी लेते हैं। टाउन हॉल में, गेट्स ने कथित तौर पर यह भी माना कि एपस्टीन फाइल्स में बताए गए रूसी महिलाओं के साथ उनके दो अफेयर थे, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उन रिश्तों का एपस्टीन के पीड़ितों से कोई लेना-देना नहीं था।
बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए: नितिन नबीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोला है। बुधवार सुबह उन्होंने उन्होंने इसे ‘समझौता मिशन’ की राजनीति बताते हुए आरोप लगाया कि परिवार के हितों को देश हित से ऊपर रखा गया। नबीन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए। उन्होंने कहा कि नेहरू ने कभी 45 करोड़ भारतीयों को अपनी ‘जिम्मेदारी’ बताया था, लेकिन उनके फैसलों ने राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया। भाजपा अध्यक्ष ने पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय रक्षा सौदों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि रक्षा सेवाओं के माध्यम से निजी बैंक खातों को भरने का काम हुआ। नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘विदेशी शक्तियों की कठपुतली’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस का चुनावी इतिहास कथित तौर पर सीआईए फंडिंग से प्रभावित रहा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं की, जिसमें कई बार सुरक्षा एजेंसियों को सूचना नहीं दी गई।
ईडी ने अनिल अंबानी का 3716 करोड़ का घर एबोड किया कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय ने कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने मुंबई के पॉश इलाके में स्थित उनके आलीशान घर एबोड को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई वित्तीय जांच एजेंसियों के कड़े रुख को दर्शाती है और कॉर्पोरेट जगत के लिए एक बड़ा घटनाक्रम है। ईडी द्वारा कुर्क की गई यह बहुमंजिला संपत्ति मुंबई के प्रतिष्ठित पाली हिल इलाके में स्थित है। ‘एबोड’ नामक यह बेहद आलीशान घर 66 मीटर ऊंचा है और इसमें 17 मंजिलें हैं। आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि कुर्क की गई इस एकल संपत्ति का मूल्य 3,716.83 करोड़ रुपये आंका गया है। सूत्रों के अनुसार, अंबानी को इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए जल्द ही संघीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना है। इससे पहले, वे अगस्त 2025 में पहली बार ईडी के सामने पेश हुए थे, जहां पीएमएलए के तहत उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया गया था।
