बिच्छू राउंडअप/असम ही नहीं पूरे देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की करेंगे पहचान: शाह

अमित शाह

असम ही नहीं पूरे देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की करेंगे पहचान: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम के एक दिन के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले असम के नगांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बटाद्रवा का उद्घाटन किया। बटाद्रवा को 227 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया गया है।  शाह ने संत शंकरदेव के जन्मस्थल का पुनर्विकास के बाद उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद शाह केंद्रीय भवन में भी गए जहां गुरु आसन (पूजनीय संत की सीट) रखी है। शाह ने कहा- भाजपा पूरे देश से सभी घुसपैठियों को हटाने का संकल्प लेती है। क्या यह सही था कि शंकरदेव की इस जगह पर बांग्लादेशी घुसपैठिए थे। मैं हिमंत बिस्वा सरमा को यहां से घुसपैठियों को हटाने और नामघर को फिर से स्थापित करने के लिए बधाई देता हूं। एक लाख बीघा से ज्यादा जमीन घुसपैठियों से आजाद कराई गई है। कांग्रेस ने इतने वर्षों तक राज किया, लेकिन उसने असम आंदोलन में जान देने वालों के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस पार्टी वर्षों तक घुसपैठियों को आगे बढ़ाती रही और 1983 में आईएमडीटी एक्ट लाकर उन्होंने घुसपैठियों को यहां बसने का कानूनी रास्ता बनाया।

ऐतिहासिक पल… स्वदेशी ध्रुव-एनजी भरेगा पहली मंगल उड़ान
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भारत के स्वदेशी हेलीकॉप्टर विकास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। मंगलवार को बेंगलुरु की एचएएल फैसिलिटी में ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान होने वाली है। यह उड़ान सिर्फ तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि एचएएल के सिविल एविएशन क्षेत्र में बड़े विस्तार की शुरुआत भी है। ध्रुव-एनजी भारतीय सेना के लिए पहले से सफल साबित हो चुके एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर का नया और बेहतर वर्जन है। इसमें कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं। यह हेलीकॉप्टर सैन्य उपयोग के साथ-साथ नागरिक जरूरतों के लिए भी तैयार किया जा रहा है। एचएएल अब सिर्फ रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहता। ध्रुव-एनजी के जरिए कंपनी सिविल हेलीकॉप्टर मार्केट में मजबूती से प्रवेश कर रही है। भारत में हेलीकॉप्टर सेवाएं सस्ती और आसानी से उपलब्ध होंगी। अभी ज्यादातर सिविल हेलीकॉप्टर विदेशी कंपनियों (जैसे एयरबस, बेल) से आयात किए जाते हैं। ध्रुव-एनजी से आयात पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

कानपुर आईआईटी के छात्र ने की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में लटका मिला शव
कानपुर आईआईटी में बायोलाजिकल इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्र अजमेर निवासी 26 वर्षीय जय सिंह मीणा ने फंदा लगाकर जान दे दी। लगातार परिजनों का फोन न उठाने पर घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम भेजा दिया है। परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम किया जाएगा। जयसिंह आईआईटी के हास्टल नंबर दो के कमरा नंबर 148 में रहता था। सोमवार को सुबह से परिजन लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन जय सिंह का फोन नहीं उठ रहा था। अनहोनी की आशंका पर परिजनों ने उनके एक मित्र को फोन किया, लेकिन वह भी छुट्टी पर था। जिसके बाद उसी दोस्त ने अन्य साथी को मामले की जानकारी दी। जिस पर अन्य छात्रों ने कमरे के बाहर पहुंच कर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर छात्रों ने खिडक़ी से झांक कर देखा तो छात्र जय सिंह का शव एक पाइप के सहारे लटकता मिला। छात्र के बड़े भाई सिद्धार्थ ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे सूचना मिली। पुलिस का कहना है छात्र ने फांसी लगाने से पहले हाथ की नस काटी थी। उसकी कलाई में कई घाव हैं। बताया कि 28 नवंबर को विंटर वैकेशन हो गई थीं। छात्र घर जाने वाला था। कानपुर आईआईटी के छात्र द्वारा सुसाइड करने से सभी हैरान हैं। कानपुर आईआईटी देश का प्रतिष्ठित संस्थान है और यहां केवल उन्हीं छात्रों को एडमिशन मिल पाता है जो पढ़ाई में काफी मेधावी होते हैं। ऐसे में छात्र ने सुसाइड क्यों किया, ये सबसे बड़ा सवाल है। एक होनहार छात्र की इस तरह आत्महत्या करने के मामले के सामने आने के बाद बाकी स्टूडेंट्स के पैरेंट्स भी डरे हुए हैं।

मध्यप्रदेश के कॉलेजों में अब ऑनलाइन जंचेंगी कॉपियां
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्ष मंत्री इंदर सिंह परमार ने ऐलान किया है कि अब प्रदेश में नए सत्र से कॉलेजों में प्रोफेसरों के साथ-साथ छात्रों की सार्थक एप से हाजिरी लगाई जाएगी। फस्ट ईयर के सिलेबस में भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन कराया जाएगा। कॉलेजों में कॉपियों को जांचने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसके लिए डिजिटल मूल्यांकन अनिवार्य होगा। परीक्षकों के पास कॉपियां ऑनलाइन भेजी जाएंगी, जिससे परिणाम जल्दी आने की उम्मीद है। मंत्री ने भी कहा कि कॉलेजों से किसी भी अतिथि विद्वान को सेवा समाप्त नहीं की जाएगी। इसके लिए हरियाणा की तर्ज पर अतिथियों को लंबे समय तक पढ़ाने की व्यवस्था प्रदान की जाएगी।

Related Articles