
ट्रंप को ठेंगा! ईरान जंग में नहीं शामिल होगा ब्रिटेन कहा- यह हमारा युद्ध नहीं
बीते एक महीने से चल रही ईरान जंग खत्म होने के बजाए उलझती जा रही है। अमेरिका अपनी शर्तों पर डील करने की बात कह रहा है, जबकि ईरान इससे इंकार कर रहा है। इस बीच ब्रिटेन ने साफ कह दिया है कि वह ईरान जंग में शामिल नहीं होगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि ब्रिटेन, ईरान जंग में शामिल नहीं होगा, बल्कि इसके बजाए वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खुलवाने के लिए ग्लोबल होर्मुज समिट की मेजबानी करेगा। स्टार्मर ने कहा कि इस हफ्ते ब्रिटेन की मेजबानी में लगभग 35 देशों संग मीटिंग होने जा रही है। इस मीटिंग में होर्मुज खुलवाने पर चर्चा होगी। स्टार्मर ने चेताया कि ईरान जंग से ब्रिटेन का भविष्य बड़े पैमाने पर प्रभावित होगा, लेकिन साथ ही आश्वस्त किया कि इस संकट से निपटने के लिए उनका देश पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि मुझ पर और अन्य पर जो भी दबाव है, जो भी हो-हल्ला मचा हुआ है। मेरे सभी फैसले ब्रिटेन के नागरिकों के हित में होंगे।
भर गया खजाना… मार्च में दो लाख करोड़ जीएसटी संग्रह
मार्च-2026 में जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8 फीसदी बढक़र दो लाख करोड़ के पार निकल गया। एक साल पहले मार्च 2025 में यह 1.83 लाख करोड़ था। वहीं नेट जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 8.2 फीसदी बढक़र 1.78 लाख करोड़ रहा। मार्च 2025 में यह आंकड़ा 1.64 लाख करोड़ रुपए था। बुधवार को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि जीएसटी कलेक्शन का यह आंकड़ा 10 महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले मई 2025 में सरकार ने 2.01 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी वसूला था। पूरे वित्त वर्ष 2026 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 8.3 फीसदी बढक़र 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया। नेट जीएसटी संग्रह 7.1 प्रतिशत बढक़र 19.34 लाख करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 20.25 लाख करोड़ और नेट कलेक्शन 18.07 लाख करोड़ रुपए रहा था। वहीं टोटल रिफंड सालाना आधार पर 13.8 फीसदी बढक़र 0.22 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। मार्च 2025 में यह आंकड़ा 0.19 लाख करोड़ था। ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
यूपी में किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना होगा अनिवार्य
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही हर ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए। ताकि कोई भी पात्र किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार को आयोजित बैठक में सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर सरल और व्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके। सीएम ने निर्देश दिए कि पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा सहित अन्य योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि अथवा असंगति है तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए। विभागीय पोर्टल को 1 मई तक पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जाए।
अमरावती को आंध्र की राजधानी बनाने वाला बिल पास, विधेयक पर हंगामा
लोकसभा ने बुधवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 को पास कर दिया है। इस बिल के जरिए अमरावती को रज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा मिलेगा। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह बिल पेश किया। इस पर एक घंटे से ज्यादा बहस हुई, जिसके बाद इसे वॉयस वोट से मंजूरी दे दी गई। इससे पहले बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विदेशी अंशदान संशोधन बिल को लेकर हंगामा किया। उन्होंने बिल वापस लो के नारे लगाए। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध करते रहे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एफसीआरए बिल पर लोकसभा में बहस नहीं होगी। यह बिल विदेशी अंशदान (विनियमन) कानून में संशोधन से जुड़ा है, जिसे 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था।
