
11-12 जनवरी को भोपाल में मप्र स्टार्टअप समिट का होगा आयोजन
मध्य प्रदेश में स्टार्टअप एवं नवाचार इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भोपाल में 11 व 12 जनवरी को मन स्टार्टअप समिट एवं इकोसिस्टम संवाड्र्स का आयोजन किया जो रहा है। रवींद्र भवन भोपाल में इस समिट को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इससे राज्य में उद्यमिता, नवाचार एवं समावेशी आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। समिट में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल होंगे। समिट का उद्देश्य स्टार्टअप्स, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग जगत के लीडर, शैक्षणिक और वित्तीय संस्थानों तथा शासकीय विभागों के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है, जिससे नवाचार आधारित उद्यमशील विकास को गति दी जा सके। कार्यक्रम में एमपी स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंतर्गत प्रमुख उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा एवं एमपी स्टार्टअप इकोसिस्टम अवाड्र्स 2026 के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
निगम की कार्रवाई से मैं संतुष्ट नहीं इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो
इंदौर में दूषित पेयजल से 15 लोगों की मौत और एक हजार से अधिक लोगों के बीमार होने पर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों को हिदायत भी दी कि इंदौर जैसी घटना की कहीं पुनरावृत्ति न होने पाए। भोपाल में महापौर के साथ सभी जिलों के संभागायुक्त, कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर के साथ वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर नगर निगम में जिस तरह से दूषित जल की घटना सामने आई, वह कतई स्वीकार्य नहीं है। नगर निगम ने जो कार्रवाई की, उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति कहीं और न हो। इसके लिए निकायों का अमला पूरी तरह से सचेत रहे। पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं।
भेल की 1600 एकड़ अनुपयोगी भूमि लौटाने पर केंद्र सरकार राजी नहीं
गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर मध्य प्रदेश में एकीकृत टाउनशिप बनाने की तैयारी को झटका लगा है। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय से भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) को राज्य शासन द्वारा दी गई भूमि वापस राज्य शासन द्वारा अब सरकार इस विषय को कैबिनेट में लाकर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी में है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय से भी इस संबंध में हस्तक्षेप का अनुरोध मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के स्तर पर किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने भेल को छह हजार एकड़ भूमि दी थी। इसमें से दो हजार एकड़ भूमि का उपयोग नहीं हो रहा है। जगह-जगह अतिक्रमण हो चुके हैं।
मोबाइल प्रतिबंधित, जंगल के भीतर की गतिविधियां अब नहीं आ पाएंगी सामने
मोबाइल आने के बाद जंगल में नाचने वाले मोर सामने दिखाई देने लगे थे, लेकिन इनकी कोई खबर बाहर नहीं आ पाएगी। दरअसल 17 नवंबर को जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में प्रदेश भर के टाइगर रिजर्व में पर्यटकों द्वारा मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह से पर्यटकों के मोबाइल अब टाइगर रिजर्व के गेट पर ही जमा कराए जाने लगे हैं। पर्यटकों को लेकर जाने वाले जिप्सी चालक और गाइड किस तरह की मनमानी करते हैं, इसका पता भी किसी को नहीं लग पाएगा। कई बार जिप्सी चालक बाघ को घेर लेते थे, या वाहन नजदीक तक ले जाकर पर्यटकों को बाघों का दीदार कराते थे। ये सारी जानकरी मोबाइल पर वीडियो बनाने वालों के जरिये सामने आती थीं।
