
अगले 25 वर्ष में प्रति व्यक्ति आय 22.50 लाख करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास की अपार संभावनाएं हैं। औद्योगिक निवेश प्राप्त करने, सोलर एनर्जी उत्पादन, कृषि उत्पादन सहित अनेक मामलों में मप्र, देश का अग्रणी राज्य है। विकसित भारत ञ्च 2047 में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हमारी सरकार ने प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी क्षेत्रों के लिए 15 वर्षों का दृष्टि पत्र तैयार किया है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय अभी एक लाख 35 हजार रुपये है जिसे 25 वर्ष में 22 लाख 50 हजार करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में निजी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी हैं, लेकिन एमएसएमई प्रदेश के औद्योगिक विकास की रीढ़ है। राज्य सरकार एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसान, युवा, महिला और आदिवासी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
विधानसभा के बजट सत्र को कांग्रेस आंकड़ों के खेल का सत्र नहीं बनने देगी। इसमें किसान, युवा, महिला, आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दे उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सभी सदस्यों ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल की घटना, प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, भावांतर की आड़ में उपार्जन से बचने का प्रयास, भ्रष्टाचार, महिला अपराध सहित अन्य विषयों पर सवाल उठाए जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आवास पर हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उपस्थित हुए। बैठक में तय किया गया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पीने के पानी में सीवेज मिलावट से उत्पन्न स्थिति केवल एक शहर तक सीमित नहीं है। कई अन्य स्थानों से इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं इसलिए इस पर स्थगन प्रस्ताव दिया है लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है।
कार्य मंत्रणा समिति : दूषित जल के मुद्दे पर कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस विधानसभा के बजट सत्र में आमजन से जुड़े स्वच्छ जल के मुद्दे पर सरकार को छोड़ने के मूड में नहीं है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से 35 लोगों की मौत पर सदन में काम रोककर चर्चा कराने के लिए कांग्रेस विधायक दल ने स्थगन प्रस्ताव दिया है। इसे लेकर सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी बात हुई लेकिन चर्चा का स्वरूप तय नहीं हो प्रयिा। इस पर निर्णय अब अध्यक्ष ही लेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक अजय विश्नोई, हरिशंकर खटीक, राजेंद्र भारती, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा उपस्थित थे।
प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर श्वेत पत्र जारी करे सरकार: उमंग सिंघार
मप्र विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस विधायक दल ने जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए भाजपा सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिभाषण में प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया गया, लेकिन प्रदेश की पीड़ित जनता की वास्तविक समस्याओं और पीड़ा को समुचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने विशेष रूप से इंदौर के भागीरथपुरा में हुई दर्दनाक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण 35 निर्दोष लोगों की जान चली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन परिवारों का दर्द, उनके आंसू और उनके सवाल इस सदन के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं? कांग्रेस विधायक दल इस मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाएगा और जिम्मेदारी तय करने की मांग करेगा। सिंघार ने कहा कि बजट केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होना चाहिए, बल्कि जमीनी हकीकत को सामने लाने का माध्यम होना चाहिए।
