
सांसद वानखेड़े ने कहा- विधायक सप्रे ने भाजपा का दामन थामा
एसआईआर सर्वे को लेकर शनिवार को बीना में भाजपा की बैठक आयोजित की। बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सांसद लता वानखेड़े के बयान से राजनीति गरमा गई है। बैठक में सांसद वानखेड़े में कहा कि बीना विधायक निर्मला सप्रे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजन्मों से प्रभावित होकर और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की योजनाओं से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और वे निरंतर हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। हमारे प्रत्येक कार्यकर्ता को सम्मान और आदर के साथ संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विधायक जी इसी भावना के साथ लगातार काम कर रही हैं और आगे भी हमारे साथ जुड़ी रहेंगी। राजनीतिक दल परिवर्तन एक प्रक्रिया है, जिसमें तकनीकी पहलू भी शामिल होते हैं। कुछ तकनीकी वजहों से यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन बहुत जल्द यह दिशा स्पष्ट होगी। ध्यान देने योग्य है कि पहली बार भाजपा प्रदेश संगठन के किसी वरिष्ठ नेता ने सार्वजनिक मंच से स्पष्ट तौर पर कहा है कि विधायक ने दल-बदल किया है।
मप्र में तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्ति,18 तक होंगे आवेदन
सितंबर 2024 में मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद अघ सरकार सूचना आयोग में और आयुक्त जोड़ेगी। जीएडी ने इसके लिए विज्ञापन जारी कर 18 दिसंबर तक आवेदन मांगे हैं। आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित सात आयुक्तों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मप्र में कभी 3-4 से ज्यादा आयुक्तों की पोस्टिंग नहीं हुई। इस बार भी जीएडी ने विज्ञापन में स्पष्ट किया है कि सिर्फ तीन नियुक्तियां होंगी। मौजूदा तीन आयुक्तों में कोई भी मीडिया बैकग्राउंड से नहीं है, इसलिए माना जा रहा है कि इस बार कम से कम एक नाम मीडिया क्षेत्र से हो सकता है। सितंबर में मुख्य सूचना आयुक्त के तौर पर सेवानिवृत्त डीजीपी विजय यादव और आयुक्तों के रूप में उमाशंकर पचौरी, वंदना गांधी व ओमकार नाथ का चयन हुआ था।
भाजपा: 23 जिलों में नहीं बनी कार्यकारिणी… अब संभागीय प्रभारी बनवाएंगे जिलों की टीम
भाजपा संगठन के 61 में से 23 जिले ऐसे हैं जिनमें अभी तक जिला कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है। यह स्थिति तब है जब जिलाध्यक्षों का चुनाव हुए करीब 11 महीने और प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव हुए पांच महीने बीत चुके हैं। खास यह है कि जिन जिलों की कार्यकारिणी नहीं बन सकी है, उनमें भोपाल शहर, ग्वालियर शहर, जबलपुर शहर, सागर शहर शामिल हैं। अब इन जिलों की कार्यकारिणी के गठन के लिए पार्टी संगठन ने सभी संभाग प्रभारियों को जिलों में जाकर बैठकें करने और जिला पदाधिकारियों के नामों पर सहमति बनाने का जिम्मा दिया है। गौरतलब है कि इसी माह 14 नवंबर को मप्र भाजपा ने 13 संभागीय प्रभारियों की नियुक्ति की थी। 10 संभागों के अलावा भाजपा ने तीन सीमावर्ती जिलों छिंदवाड़ा, निवाड़ी व मंदसौर को भी संभाग मानकर संभागीय प्रभारी बनाए हैं। भाजपा संगठन में अकेला उज्जैन संभाग ही ऐसा है, जिसके सभी 8 जिलों की कार्यकारिणी गठित हो चुकी है। गौरतलब है कि यह मुख्यमंत्री मोहन यादव का गृह क्षेत्र भी है।
कांग्रेस: नई सूची जारी, गतिरोध हुआ खत्म
कांग्रेस ने 8 जिलों में जिला संगठन महासचिव की नियुक्ति की है। एआईसीसी के अप्रूवल के बाद शनिवार को इंदौर शहर का संगठन महासचिव संजय बाकलीवाल और इंदौर ग्रामीण का दौलतराम पटेल को बनाया गया है। इसी क्रम में उज्जैन शहर का महासचिव अजय राठौर एवं उज्जैन ग्रामीण जिले को महासचिव राजेंद्र व्यास को बनाया गया है। जबलपुर शहर का रीते गुप्ता, उमरिया जिले का पुष्पराज सिंह, राजगढ़ जिले का राधेश्याम सोमतिया और धार जिले का संगठन महासचिव पारितोष सिंह को बनाया गया है। पटवारी ने ये नियुक्तियां कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अप्रूवल के बाद की है। इन नियुक्तियों के साथ ही बीते दो दिनों से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया।
