
पानी की हर बूंद को बचाने के लिए सरकार करेगी प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए सरकार समाज के साथ मिलकर काम कर रही है। हम पानी की हर बूंद को बचाने के लिए काम करेंगे। इसके लिए जनभागेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस संबंध में सीएम ने अपने वक्तव्य में कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है। इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम हर गांव, हर शहर और हर नागरिक को जल संरक्षण के कार्यों से जोडऩा चाहते हैं। समाज और सरकार जब साथ मिलकर काम करेंगे, तो मध्यप्रदेश समृद्धि की दिशा में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। नागरिकों को पानी बचाने के लिए सक्रिय रूप से जुडऩा होगा, इससे मप्र जल संचयन और प्रबंधन में देश का एक मॉडल स्टेट बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संबंधी जरूरतों की पूर्ति व भावी पीढयों के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा की मंशा से प्रदेश सरकार एक बार फिर बड़े पैमाने पर जल गंगा संवर्धन अभियान शुरु करने जा रही है। भारतीय नववर्ष प्रतिपदा के शुभ अवसर पर 19 मार्च को उज्जैन की शिप्रा नदी तट से इस राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है।
प्रदेश में जीएसटी की हो रही चोरी, सिंघार ने लिखा पत्र
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि राज्य में जीएसटी की संगठित चोरी की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। सिंघार ने अपने पत्र में लिखा है कि मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों तथा प्रमुख औद्योगिक जिलों से प्राप्त विस्तृत जानकारी के आधार पर यह गंभीर विषय केंद्र सरकार के संज्ञान में लाना आवश्यक है कि विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से जीएसटी चोरी का एक नेटवर्क संचालित हो रहा है। इस नेटवर्क के माध्यम से भारी मात्रा में माल का परिवहन और व्यापार बिना वैध कर भुगतान के किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कि गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत के राच्यों से आयरन सामग्री, निर्माण सामग्री और मसालों सहित विभिन्न व्यापारिक वस्तुएं बड़े पैमाने पर ट्रकों के माध्यम से मध्यप्रदेश लाकर पूरे प्रदेश में वितरित की जा रही हैं।
आयुर्वेद कॉलेजों की फैकल्टी को अब कराना होगा रजिस्ट्रेशन
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड, हरियाणा, नई दिल्ली समेत देशभर के आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी एवं सोवा-रिग्पा पैथी के मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे चिकित्सा शिक्षकों को संबंधित राज्य बोर्ड परिषद से अस्थाई अथवा स्थाई पंजीकरण को अनिवार्य किया है। राज्य के अतिरिक्त अन्य राज्यों में कार्यरत ऐसे चिकित्सा शिक्षकों के लिए अस्थाई अथवा स्थायी पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य बोर्ड परिषद को सौंपी गई है। उक्ताशय का पत्र आचार एवं पंजीयन बोर्ड एनसीआईएसएम नईदिल्ली के अध्यक्ष डॉ सुश्रुत कन्नौजिया ने जारी किया है। पत्र के अनुसार अब अस्थाई पंजीकरण भी हो सकेगा परंतु जब तक अस्थाई रजिस्ट्रेशन रहेगा तब तक स्थाई पंजीयन स्थगित रहेगा।
क्षेत्रीय दलों की भूमिका राष्ट्रहित में आवश्यक
दक्षिण पश्चिम भोपाल विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि लोकतंत्र की जीवंतता के लिए वैचारिक विविधता आवश्यक है, परंतु क्षेत्रीय दलों की सक्रियता और उनकी भूमिका सदैव राष्ट्रहित की परिधि में पल्लवित होनी चाहिए। सबनानी सोमवार को पंडित कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में संवैधानिक मूल्यों के प्रति चेतना जाग्रत करने का सशक्त माध्यम हैं। इस मौके पर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. देव आनंद हिंडोलिया एवं संसदीय कार्य विभाग के अपर सचिव श्री राजेश गुप्ता उपस्थित रहे। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. देव आनंद हिंडोलिया ने विद्यार्थियों को लोकतंत्र के सजग प्रहरी बनने हेतु प्रेरित किया।
